प्रदेश में वृंदावनी और फ्रिजवल गाय को बढावा दिया जाएगा। इसे स्वदेशी गौ संवर्धन योजना में शामिल किया जाएगा। यह दोनों नस्लें नीदरलैंड और भारतीय नस्ल की संकर है। अधिक दुधारू होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली हैं। बीमारी कम लगती है और पशुपालकों को ज्यादा फायदा मिलता है।

प्रदेश सरकार की ओर से गोवंश संरक्षण और पशुपालकों को कम लागत में अधिक लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन नस्लों को बढावा दिया जा रहा है, जिनमें जेनेटिक तौर पर भारतीय मूल की नस्लों के गुण मौजूद हैं। पशुपालन विभाग की ओर से कराए गए अध्ययन में वृंदावनी और फ्रिजवल नस्ल की फायदेमंद माना गया है। 

इन दोनों नस्लों में रखरखाव में कम खर्च आता है, जबकि ये औसतन प्रतिदिन 25 से 35 लीटर दूध देती हैं। कम समय में गर्भ धारण करती हैं। पांच से छह बच्चे देने के बाद भी उनकी सेहत ठीक रहती है। प्रदेश सरकार इन दोनों नस्लों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालन प्रोत्साहन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी सहित अन्य योजनाओं में शामिल करने की तैयारी में है।



   


 



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