श्रावण मास 30 जुलाई से आरंभ हो रहा है। शहर के प्रमुख शिवालयों में साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर शहर के प्राचीन और आस्था के प्रमुख केंद्र पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालु अव्यवस्थाओं के बीच पूजा-अर्चना करने को मजबूर हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए करीब सवा करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बावजूद एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। मंदिर परिसर में नालियों का गंदा पानी भरा होने से श्रद्धालुओं को गंदगी और दुर्गंध के बीच मंदिर पहुंचना पड़ रहा है। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी है।
मंदिर के महंत अजय राजोरिया ने बताया कि जीर्णोद्धार के लिए पैसा स्वीकृत हो चुका है, लेकिन नेताओं के आपसी विवाद के कारण मंदिर में अभी तक एक रुपये का कार्य आरंभ नहीं हुआ, जबकि हमारे साथ ही प्राचीन राजेश्वर महादेव मंदिर का भी जीर्णोद्धार होना था। उसका कार्य अंतिम चरण में है। मंदिर के विकास और जीर्णोद्धार का काम जल्द शुरू होना चाहिए।
श्रद्धालु लक्ष्मी ने कहा कि पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में दूर-दूर से लोग भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन और अन्य पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं को नाले के पानी से गुजरकर महादेव की पूजा करनी पड़ती है। मांग है कि मंदिर परिसर से गंदे पानी की निकासी कराई जाए और स्वीकृत बजट से जीर्णोद्धार कार्य जल्द शुरू कराया जाए।