सावन माह बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार 3 अगस्त को है। इस अवसर पर 910 साल पुराने ऐतिहासिक राजेश्वर मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु जलाभिषेक करने आते हैं। मंदिर प्रशासन ने धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष तैयारियां की हैं लेकिन श्रद्धालुओं के रास्तों का खस्ताहाल चिंता का विषय है।


महंत शुभम गिरी गोस्वामी ने बताया कि भगवान भोलेनाथ का दरबार 50 किलो फूलों से सजेगा। मंदिर परिसर में भव्य प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली और धार्मिक झांकियां भी होंगी। पुजारी रूपेश उपाध्याय के अनुसार, मेले का आधिकारिक उद्घाटन रविवार को साध्वी प्राची करेंगी। रविवार शाम 4 बजे मंदिर परिसर से एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। नगर निगम ने सफाई, पानी के टैंकर और चल शौचालय की व्यवस्था की है।

आश्वासन के बाद भी नहीं सुधरे रास्ते

आरोप है कि कांवड़ियों के आने वाले मुख्य रास्तों की हालत बेहद दयनीय बनी हुई है। नंगे पैर कई किलोमीटर पैदल यात्रा तय कर आने वाले शिवभक्तों के लिए न तो पक्की सड़क दुरुस्त है और न ही कोई सुगम कच्चा रास्ता। सड़कें पूरी तरह उखड़ी पड़ी हैं, नुकीले कंकड़-पत्थर बिखरे हैं और गड्ढों में गंदा पानी भरा है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि 23 जुलाई को हुई प्रेसवार्ता में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था और नगर आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा गया लेकिन सुधार नहीं हुआ।

 



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