मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार और रविवार को आगरा में थे। सर्किट हाउस में रात में रुके हुए थे। उनकी सुरक्षा में पुलिस व्यस्त थी। इसका फायदा चोरों ने उठाया। दुस्साहसिक तरीके से थाना हरीपर्वत के बगल अखिलेश टावर की दो दुकानों के ताले तोड़कर लाखों रुपये का माल समेट ले गए। व्यापारियों ने आक्रोश जताया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उधर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से चार संदिग्धों को पकड़ा है।

अखिलेश टावर में तीन तल पर 100 से अधिक दुकान हैं। इनमें चिकित्सकों के क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, सैलून, बुटिक के अलावा होटल तक शामिल हैं। आवास विकास काॅलोनी निवासी एसपी सिंह और एमपी सिंह का प्रथम तल पर एक्यूप्रेशर क्लीनिक है। एमपी सिंह ने बताया कि वह एक्युप्रेशर की मशीन, कई रत्न और वास्तु से संबंधित सामान की बिक्री करते हैं।

सुबह 10 बजे मार्केट में आए होटल कर्मी ने दुकान का शटर टेढ़ा देखकर चोरी की जानकारी दी। चोर काउंटर में रखे 38 हजार रुपये, 60 हजार की धातु के यंत्र, रत्न आदि ले गए। सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी उखाड़ लिए। इसी अंदाज में चोरों ने बालाजी मेडिकल स्टोर के ताले तोड़ दिए। दुकान मालिक कमला नगर निवासी अविनाश यादव ने बताया कि चोरों ने शटर के तालों को लोहे की सरिया से तोड़ा। इसके बाद पाैने दो लाख रुपये और 40 हजार की पेट संबंधी दवाएं ले गए।

उनकी दुकान में कैंसर की दवाएं भी मिलती हैं। इनको चोरों ने हाथ नहीं लगाया। इसके साथ ही डीवीआर और कैमरे भी उखाड़कर ले गए। घटना की जानकारी पर दुकानदार जुट गए। एमपी सिंह का कहना था कि वह शिकायती पत्र लेकर थाने गए। पूरी बात पत्र में लिखी थी। यह देखकर पुलिसकर्मी भड़क गए। उनका कहना था शिकायत को कम शब्दों में लिखकर लाओ। इससे उनमें रोष है।

 स्कूटर पर कैप पहने दिखे संदिग्ध

पुलिस ने मार्केट में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। पता चला कि रात तकरीबन 12 बजे चार संदिग्ध कैप पहनकर आते नजर आए। वह मार्केट पीछे के हिस्से में बनी बस्ती के रास्ते से घुसे थे। उन्होंने चेहरों को छिपाए रखा था। दो स्कूटर सवार भी पुलिस को नजर आए। एक स्कूटर को मार्केट बाहर खड़ा किया था जबकि दूसरी को भूतल पर बनी दुकानों के सामने खड़ा किया था। दो घंटे तक घटना को अंजाम देने के बाद भाग गए। एक साल पहले भी गैस चूल्हे की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया था। इस घटना का खुलासा नहीं हुआ। दो और दुकानों में चोरी से व्यापारियों में आक्रोश है। व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, जय पुरसनानी ने पहुंचकर घटना के खुलासे की मांग की।

एक ही गिरोह का हाथ, संदिग्धों से पूछताछ

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि दोनों वारदात में एक ही गिरोह का हाथ होने की संभावना है। चोरों को पहले से जानकारी थी कि दुकानों में शनिवार के दिन ही कैश होता है। इसकी वजह से कि वो लोग दवाओं का भुगतान करते हैं। उन्हें यह भी जानकारी थी कि दवाएं काैन सी लेकर जानी हैं, काैन सी नहीं लेकर जानी है। मार्केट के पीछे की बस्ती से कुछ संदिग्ध पकड़े गए हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

सात दिन में दूसरी वारदात से बढ़ी चिंता

घटना पर व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि थाने के बराबर में मार्केट है। यह ज्यादा सुरक्षित होनी चाहिए। इसके बावजूद थाने के सामने 7 दिन में दूसरी वारदात हुई है। मंगलवार को चोरों ने भीमसेन बैजनाथ मिष्ठान भंडार को निशाना बनाया था। दुकान मालिक योगेंद्र सिंघल का कहना है कि चोर बेसमेंट में बनी दीवार को तोड़कर अंदर घुसे। काउंटर में रखे 20 हजार रुपये, 15 हजार की मिठाई और चांदी के सिक्के ले गए। पुलिस से शिकायत की थी। मगर पुलिस ने मुहर तक नहीं लगाई। इसे दर्ज भी नहीं किया। आज तक घटना का खुलासा नहीं हो सका है।

 



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