इटावा के एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जब पुलिस, यूपी बार काउंसिल, फर्म, सोसाइटी और चिट्स रजिस्ट्रार से आंकड़े मांगे तो आंकड़े चौंकाने वाले निकले। सुनवाई के दौरान कई लोगों ने वकीलों के खिलाफ अलग से शिकायतें भेजीं जिसे देखकर हाईकोर्ट ने इसे जनहित का मुद्दा मान लिया। 61 पेज के आदेश में प्रदेशभर के वकीलों के लिए कई गाइडलाइन जारी कर दी हैं।
आपराधिक प्रवृत्ति के दागी वकीलों पर सख्ती दिखाते हुए उनके मुकदमों की सुनवाई दूसरे जिलों में करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत कानपुर नगर के दागी वकीलों के मुकदमे अब उन्नाव में सुने जाएंगे, जबकि उन्नाव के मुकदमे कानपुर नगर स्थानांतरित होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वकीलों के खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन यूपी बार काउंसिल ने कुछ वकीलों पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
