हाथरस नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 16 के गांव सोखना में बृहस्पतिवार को जो हुआ, उसने न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, बल्कि हर संवेदनशील इंसान के दिल को झकझोर कर रख दिया। यहां श्मशान घाट में छत न होने की वजह से दो शवों का अंतिम संस्कार तिरपाल तानकर कराना पड़ा।
वार्ड 16 में दो महिलाओं के निधन से परिवारों में मातम पसरा था। रोते-बिलखते परिजन जब अंतिम संस्कार के लिए सोखना स्थित श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां बदहाली उनका इंतजार कर रही थी। लगातार बारिश हो रही थी और नीचे जमीन पर न तो सिर छिपाने को कोई पक्की छत थी और न ही खड़े होने की सुथरी जगह। बारिश में चिता की अग्नि ठंडी न पड़ जाए, इस डर से बेबस परिजनों और ग्रामीणों ने आपस में चंदा लगाकर जैसे-तैसे तिरपाल का इंतजाम किया।
एक तरफ अपनों के जाने का गम और दूसरी तरफ बहते पानी के बीच तिरपाल को हाथों से थामे लोग खड़े थे। इस दृश्य ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों को नम कर दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कई से एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक श्मशान घाट की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
मामला संज्ञान में आया है। यह क्षेत्र ग्रामीण है तथा अब नए विस्तारित क्षेत्र में पालिका में शामिल हुआ है। बोर्ड में प्रस्ताव आता है तो उसके पास होने के बाद विकास कार्य कराया जाएगा।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
