महिला टी-20 विश्वकप में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए सोमवार को बड़ी खुशखबरी आई। लॉस एंजिलिस ओलंपिक-2028 में क्रिकेट की वापसी के लिए तय क्वालिफिकेशन प्रणाली के तहत भारतीय महिला टीम ने ओलंपिक के लिए जगह पक्की कर ली है। इससे भारतीय महिला क्रिकेट के सामने अब विश्वकप के साथ ओलंपिक पदक जीतने का भी सपना साकार करने का अवसर होगा।
शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली पूर्व खिलाड़ियों और युवा क्रिकेटरों का मानना है कि यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत है। क्रिकेट की 128 वर्ष बाद ओलंपिक में वापसी अपने आप में ऐतिहासिक है। शहर ने भारतीय क्रिकेट को पूर्व कप्तान हेमलता काला, अंतरराष्ट्रीय स्पिनर पूनम यादव, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रीति डिमरी और वर्तमान की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा जैसी खिलाड़ी दी हैं।
पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर हेमलता काला का कहना है कि अब खिलाड़ियों के सामने विश्वकप जीतने के साथ ओलंपिक पदक जीतने का लक्ष्य भी होगा। भारतीय टीम प्रतिभा से भरपूर है, यदि सुनियोजित तैयारी की गई तो भारत पदक जीतकर इतिहास रच सकता है।
पूर्व भारतीय स्पिनर पूनम यादव ने कहा कि हर खिलाड़ी अपने कॅरिअर में ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है। क्रिकेट को यह मंच मिलना पूरे खेल के लिए गौरव की बात है। भारतीय महिला टीम में ओलंपिक पदक जीतने का पूरा दमखम है।
टीम मेडल की मजबूत दावेदार
हर क्रिकेटर का सपना ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना होता है। भारतीय महिला टीम के लिए यह सुनहरा मौका है और टीम मेडल जीतने की मजबूत दावेदार है। – रामा कुशवाहा, सदस्य, उत्तर प्रदेश क्रिकेट।
बेटियों को नई प्रेरणा मिलेगी
क्रिकेट के ओलंपिक में शामिल होने से देशभर की बेटियों को नई प्रेरणा मिलेगी। छोटे शहरों की खिलाड़ियों के सामने अब विश्वकप के साथ ओलंपिक का भी बड़ा लक्ष्य होगा। – प्रीति डिमरी, पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर।
