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कौशांबी जिले के कोखराज के सिहोरी टोल प्लाजा पर शुक्रवार तड़के गैस टैंकर में हुए भीषण विस्फोट ने दो दोस्तों का सफर खत्म कर दिया। रातभर साथ काम करने के बाद दोनों एक ही कमरे में सोए। नींद खुली तो पलभर में आग की चपेट में आ गए। एक ने दम तोड़ दिया, दूसरा जिंदगी से जंग लड़ रहा है।
रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र के राजापुर कुंवर मऊ निवासी हीरामणि सिंह उर्फ शुभम सिंह (30) पिछले तीन वर्षों से सिहोरी टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर थे। करीब एक वर्ष पहले उन्होंने अपने दोस्त आलोक सिंह (26) को भी यहां शिफ्ट इंचार्ज के रूप में नौकरी दिलाई थी।
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गैस टैंकर में धमाके के बाद लगी आग, कार और बाइकें भी जलीं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तब से दोनों साथ रहते, साथ ड्यूटी करते और हर सुख-दुख के साथी बन गए थे। बृहस्पतिवार रात दोनों ने अपनी नाइट शिफ्ट पूरी की। सुबह कमरे में सो रहे थे कि तेज धमाकों से नींद खुली। जैसे ही दोनों ने दरवाजा खोला, सामने आग की विकराल लपटें थीं। बाहर निकलने की कोशिश में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।
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गैस टैंकर में धमाके के बाद लगी आग
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों को एसआरएन अस्पताल प्रयागराज भेजा गया, जहां शुक्रवार शाम करीब पांच बजे आलोक सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं शुभम जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हीरामणि सिंह उर्फ शुभम के चाचा माधव प्रताप सिंह ने बताया कि शुभम के परिवार में पत्नी प्रतिभा सिंह, दस वर्षीय बेटा युग और पांच वर्षीय बेटा वेद हैं।उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उधर, आलोक सिंह रायबरेली के पूरे भदौरियन कूढ़ा गांव के रहने वाले थे।
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गैस टैंकर में धमाके के बाद लगी आग, कार और बाइकें भी जलीं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दरवाजा खुला… सामने थीं आग की लपटें
भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी एक पल में बदल दी। रातभर ड्यूटी के बाद सोए दो कर्मचारियों की नींद तेज धमाके से टूटी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के कठौली निवासी कृष्ण पाल मौर्य (23) पिछले पांच वर्षों से टोल प्लाजा पर पर्ची काटने का काम कर रहे हैं।
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टैंकर में लगी आग को बुझाते फायर कर्मी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनकी मां अनीता देवी ने बताया कि रात की ड्यूटी पूरी करने के बाद वह अपने कमरे में सो रहे थे। अचानक हुए धमाके और अफरा-तफरी के बीच जैसे ही बाहर निकले, आग की लपटों में घिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे की सूचना उन्हें सुबह करीब नौ बजे मिली, जिसके बाद वह बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचीं।