राजधानी लखनऊ में गुरुवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य अपने सरकारी आवास से ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12 राज्यों के लिए 10,021 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी किया।
इस वर्चुअल बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2016 में प्रारंभ हुई थी। इससे अब तक लगभग 4 करोड़ 15 लाख आवासों का लक्ष्य आवंटित हुआ है। तीन करोड़ 91 लाख आवासों की मंजूरी दी गई है। इसमें तीन करोड़ पांच लाख पक्के मकान गरीब पात्र लोगों के बन गए हैं।
कोई भी पात्र गरीब परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे
वर्चुअल बैठक के उपरांत केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन को और अधिक गति, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाया जाए। ताकि, कोई भी पात्र गरीब परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।
केशव मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की तर्ज पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत प्रति लाभार्थी दी जाने वाली सहायता राशि को वर्तमान 1.20 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख किए जाने के संबंध में भारत सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाए। इसके औचित्य को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।
आवास निर्माण की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आवास निर्माण की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाएं। ताकि, पात्र लाभार्थियों को शीघ्र पक्के आवास उपलब्ध हो सकें।
