उत्तर प्रदेश में पुष्टाहार (टेक होम राशन) की आपूर्ति के लिए फर्मों के चयन में अनियमितताओं के आरोप पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने नेफेड से जवाब तलब किया है। विभाग ने नेफेड को पत्र भेजकर रिपोर्ट और संबंधित साक्ष्य मांगे हैं।
भाजपा के विधान परिषद सदस्य रतन पाल सिंह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने नेफेड द्वारा राशन आपूर्ति के लिए कंपनियों के चयन पर सवाल उठाए हैं। शिकायत में मानकों और निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता का पालन न होने का आरोप है। रतन पाल ने कुछ चयनित कंपनियों के बीच मिलीभगत की आशंका जताई है।
वास्तविक उत्पादन क्षमता का सत्यापन नहीं किया
शिकायत के अनुसार, नेफेड ने कंपनियों की वास्तविक उत्पादन क्षमता का सत्यापन नहीं किया। तकनीकी योग्यता और गुणवत्ता मानकों का भी निरीक्षण नहीं कराया गया। पर्याप्त आधारभूत संरचना न होने पर भी कंपनियों को कार्य आवंटित किए गए।
उन्होंने यह आशंका भी जताई कि चयनित फर्मों द्वारा अन्य राज्यों से सामग्री खरीदी जा रही है। फिर उसकी दोबारा पैकेजिंग करके आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और एफएसएसएआई मानकों के अनुपालन, परिवहन, कच्चे माल की उपलब्धता और परीक्षण रिपोर्ट की सत्यता पर भी सवाल खड़े किए। जीएसटी संबंधी अभिलेखों की पारदर्शिता को लेकर भी शिकायत की गई है।
अमर उजाला ने किया था खुलासा
अमर उजाला ने 5 जून और 6 जून के अंक में दागी कंपनियों को पुष्टाहार आपूर्ति का काम देने की खबर प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। आरोपों की गंभीरता के दृष्टिगत विभाग की निदेशक हर्षिता माथुर ने नेफेड से इस मामले में स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सभी संबंधित अभिलेख और साक्ष्य भी उपलब्ध कराने को कहा है।
