अंतरराष्ट्रीय बालश्रम निषेध दिवस पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राज्य स्तरीय जन-जागरुकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश को बालश्रम मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर 15 जिलों के 141 हॉट स्पॉट क्षेत्रों को बालश्रम मुक्त घोषित किया गया।

झांसी जिले के ग्रामीण क्षेत्र भी बालश्रम मुक्त घोषित हुए हैं। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बालश्रम उन्मूलन को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम में संलिप्त बच्चों को मुक्त कराकर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। 

दिसंबर 2026 तक 15 जिलों को बालश्रम मुक्त बनाने की कार्रवाई चल रही है। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एमके शन्मुगा सुन्दरम ने बताया कि प्रदेश में 543 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए थे। इनमें से 141 शहरी वार्डों और ग्राम पंचायतों को शुक्रवार को बालश्रम मुक्त घोषित किया गया।

श्रम आयुक्त मार्कण्डेय शाही ने कहा कि बालश्रम मुक्त प्रदेश का लक्ष्य सभी विभागों के सहयोग से ही हासिल होगा। कार्यक्रम में बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अब वे नियमित रूप से विद्यालय जाकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस दौरान बाल श्रमिक विद्या योजना के लाभार्थियों को हितलाभ वितरित किए गए। साथ ही डिजिटल लेबर चौपाल का उद्घाटन भी किया गया।



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