यूपी के रायबरेली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मरीजों के तीमारदारों को बड़ी राहत मिलने वाली है। यहां  500 बेड का हाईटेक विश्राम गृह (नाइट शेल्टर) का निर्माण होगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को एम्स रायबरेली और सेवादान आरोग्य संस्था के अधिकारियों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया। 

50 कमरों के बनने वाले विश्राम गृह के निर्माण में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. अमिता जैन ने कहा कि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए सम्मानजनक आवास की व्यवस्था करना मानवीय सेवा का महत्वपूर्ण आयाम है और यह पहल इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

सुरक्षित और सुविधाजनक ठहरने की व्यवस्था होगी

उन्होंने कहा कि यह पहल सामाजिक उत्तरदायित्व व जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। सेवादान आरोग्य संस्था की ओर से निर्मित होने वाला विश्राम गृह भविष्य में एम्स आने वाले हजारों मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्हें उपचार के दौरान सुरक्षित और सुविधाजनक ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। 

एम्स की ओर से कर्नल अखिलेश सिंह, उप-निदेशक (प्रशासन) और सेवादान आरोग्य संस्था की तरफ से अमित दास ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए और एमओयू का एक दूसरे से स्थानांतरण किया। वित्तीय सलाहकार कर्नल यूएन राय, अधीक्षण अभियंता हरीश यादव सहित अभियांत्रिकी विभाग से अन्य अधिकारी व सेवादान आरोग्य फाउंडेशन की ओर से अमित दास और डीडी पांडेय उपस्थित रहे।

पहले से बना 144 बेड का विश्राम सदन

एम्स में मरीजों और तीमारदारों को ठहरने के लिए 144 बेड के विश्राम सदन का लोकार्पण नौ मार्च 2024 को हुआ था। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने एम्स में विश्राम सदन बनवाने के लिए 25 करोड़ रुपये दिए थे। इसी के बाद निर्माण कराया गया। इसका नाम ठाकुर रतनपाल सिंह विश्राम सदन रखा गया है। अब सेवादान आरोग्य फाउंडेशन की ओर से एक और विश्राम गृह बनने के बाद मरीजों और तीमारदारों को ठहरने के लिए और सहूलियतें मिल सकेंगी।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 500 बेड के नाइट शेल्टर के निर्माण के लिए सेवादान आरोग्य फाउंडेशन से एमओयू का आदान-प्रदान हुआ है। जल्द ही काम शुरू होगा। विश्राम गृह के निर्माण के बाद मरीजों व तीमारदारों को ठहरने के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी। एम्स की ओर से मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। -कर्नल अखिलेश सिंह, उप-निदेशक (प्रशासन) एम्स, रायबरेली



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें