मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के संकल्प के साथ मकान सूचीकरण व मकानों की गणना कार्य की शुरुआत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल हेड काउंट नहीं, बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय डेटा आधारित निर्णयों का है और जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सही जनगणना यह सुनिश्चित करती है कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी समान रूप से विकास में सहभागी बन सके।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य होगा। आमजन को 7 से 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प भी दिया गया है, जिसके तहत नागरिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
जातीय जनगणना भी होगी
सीएम ने कहा कि इस बार जनगणना में पहली बार जातीय गणना को भी शामिल किया गया है। साथ ही वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है। डिजिटल तकनीक की वजह से प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, प्रभावी बनाया गया है। इसके लिए विशेष जनगणना पोर्टल तैयार किया गया है, जिससे ग्राम और वार्ड स्तर तक निगरानी की जा सकेगी।
सीएम की अपील…हर नागरिक शिरकत करे
सीएम ने बताया कि प्रदेश की आबादी लगभग 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना कार्य 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों और करीब 1.04 लाख राजस्व ग्रामों में कराया जाएगा। इस कार्य के लिए 5.25 लाख कार्मिकों की तैनाती की जा रही है, जिनमें 4.50 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार राज्य व जनपद स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। सीएम ने लोगों से अपील की है कि वह जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए इसमें शामिल हों। सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं।
