भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय में 3.13 करोड़ रुपये के गबन के सात आरोपियों को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें आज अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इनमें भातखंडे विश्वविद्यालय के शिक्षक ज्ञानेंद्र दत्त बाजपेई, मनोज कुमार मिश्रा के अलावा निर्माण कार्य कराने वाली फर्मों के संचालक मोहम्मद शोएब, कुंदन सिंह, सुरेश सिंह, विनोद कुमार मिश्रा और जुगल किशोर वर्मा शामिल हैं।
बता दें कि इस प्रकरण में भातखंडे विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर श्रुति सडोलीकर काटकर भी आरोपी हैं। सीआईडी ने बीते दिनों सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किया था, जिसमें पूर्व कुलपति, तत्कालीन आहरण वितरण अधिकारी समेत 6 कर्मी और 12 फर्मों के संचालक गबन के दोषी करार दिए गए थे। बता दें कि इस प्रकरण की जांच राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देश पर हुई थी, जिसके बाद 5 मार्च 2021 को तत्कालीन कुलसचिव डॉ. लवकुश द्विवेदी ने कैसरबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
वहीं शासन ने इसकी जांच जनवरी, 2024 में सीआईडी के सुपुर्द की थी। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि भातखंडे विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति श्रुति सडोलीकर काटकर और कई कर्मियों ने शासन के नियमों की अवलेहना की और 12 कंपनियों के साथ मिलीभगत कर 3,31,13,607 रुपये की वित्तीय अनियमितता को अंजाम देते हुए सरकारी धन का गबन किया। उन्होंने मनचाही कंपनियों को बिना टेंडर काम देने के बाद भुगतान कर दिया। इन वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के बाद श्रुति सडोलीकर को बर्खास्त कर दिया गया था।