लखनऊ में इंटरनेशनल कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ, उसकी गर्लफ्रेंड रिंकी दास गुप्ता और उसके पार्टनर नायकर जयराज को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। एडीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक, तीनों आरोपी कॉल सेंटर पर छापेमारी के बाद फरार हो गए थे। विनीत वशिष्ठ पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के पार्टनर नायकर जयराज महज पांचवीं तक पढ़ा है। इसके बावजूद उसने लखनऊ की समिट बिल्डिंग के दो हिस्से करीब तीन करोड़ रुपये सालाना किराये पर लेकर इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित किया। यहां 119 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था, जो विदेशी नागरिकों को फोन कर विभिन्न तरीकों से साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने एक वर्ष में करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की।

दो एप्पल आईफोन और पांच हजार रुपये नकद बरामद

एडीसीपी ने बताया कि एक जुलाई को कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद फरार मुख्य सरगना और उसके साथियों की तलाश जारी थी। पुलिस को सूचना मिली कि तीनों कोलकाता के एक रिसॉर्ट में छिपे हैं, जहां दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से एक आईपैड, दो एप्पल आईफोन और पांच हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।

पूछताछ में सामने आया कि लखनऊ से भागते समय विनीत और जयराज ने अपने मोबाइल फोन नदी में फेंक दिए थे, जबकि रिंकी ने महंगा मोबाइल होने के कारण केवल सिम कार्ड फेंका और नए सिम से रिसॉर्ट बुक कर लिया। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस तीनों तक पहुंचने में सफल रही।



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