गोभक्त एवं संत चंद्रशेखर महाराज, जिन्हें क्षेत्र में फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता है, की असीम स्मृति और उनकी प्रेरणा को जीवंत रखते हुए निकाली गई अनूठी कांवड़ यात्रा सोमवार को छाता पहुंच गई। इस यात्रा के दौरान भक्तों में उत्साह और धार्मिक उल्लास देखने को मिला। लोगो ने भक्तों का स्वागत किया।
यात्रा से अंतो पंडित ने बताया कि यह यात्रा 25 जुलाई को छाता क्षेत्र के गांव आजनौख स्थित गोशाला से आरंभ होकर हरिद्वार के लिए रवाना हुई थी। इसके पश्चात, 27 जुलाई को हरिद्वार से गंगा जल उठाने के साथ पैदल कांवड़ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हुआ। अनवरत 16 दिनों की कठिन पदयात्रा और गोभक्ति के संकल्प के साथ यह जत्था सोमवार को छाता पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह यात्रा कल 11 अगस्त को वापस आजनौख स्थित गोशाला पहुंचेगी, जहां गोभक्तों द्वारा गोवंश की उपस्थिति में विधि-विधान से 61 लीटर पवित्र गंगाजल का जलाभिषेक किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के गोप्रेमियों में भारी उत्साह का माहौल है। इस कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में नितिन जादौन, संदीप सनातनी, हरिओम, पदम, जितेंद्र, गुल्लू, कान्हा, नरेश, राजू, पारस, रवि, शेखर, देवा और कालू आदि शामिल है।
