आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम में श्रीश्याम परिवार सेवा ट्रस्ट की ओर से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। व्यासपीठ जया किशोरी ने कहा कि सत्य वही है जो कभी न बदले और हर परिस्थिति में अडिग रहे और ऐसा केवल ईश्वर ही है। संसार जो दिखता है वह क्षणभंगुर है, जबकि न दिखने वाले ईश्वर ही शाश्वत सत्य हैं। ईश्वर का आसरा ही जीवन की हर विपदा में सच्चा सहारा बनता है। कथा के दौरान जब जया किशोरी ने भजन गाए श्याम प्यारे से जिसका संबंध है, उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है…पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना, जो भी देखे वो बोले क्या कहना भई क्या कहना…पूरा पंडाल ताली बजाकर झूम उठा। गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और भावविभोर हो गया। जया किशोरी ने कहा कि निस्वार्थ प्रेम ही सबसे कीमती है, जो आसानी से सब जगह मिल जाए, वह कीमती नहीं होता। जीवन में सबसे अमूल्य वह प्रेम है जो बिना किसी स्वार्थ के हो और बार-बार न बदले। समझदार महिला वही है जो जाने कि उसे कब लक्ष्मी, कब सरस्वती और कब दुर्गा का रूप धारण करना है। बच्चियों के मन में कभी कमजोरी का भाव नहीं पनपने देना चाहिए। इंसान नया सीखेगा तो गलतियां होंगी। हजार गलतियां कीजिए, लेकिन एक ही गलती को बार-बार दोहराना मूर्खता है। कथावाचक जया किशोरी ने कहा कि कथा केवल सुनकर भूल जाने के लिए नहीं है। यह सात दिन की क्लास है। रोज घर जाकर सुनी हुई कथा पर चिंतन करना होगा। अगले दिन मैं पिछले दिन के प्रसंगों से प्रश्न पूछूंगी, ताकि कथा केवल कानों तक न रहे, जीवन में भी उतरे। प्रथम दिन की कथा के समापन पर आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान मुख्य यजमान राजकुमार गुप्ता, राधा गुप्ता, विकास मांगलिक, अनिल कुमार गुप्ता, विनीत मांगलिक, ऋषिक मांगलिक, अर्पित गुप्ता, आलोक अग्रवाल, संजय गुप्ता, मीतेश मित्तल, संतोष शर्मा, रेखा गुप्ता, जयश्री मांगलिक, अंजू मांगलिक, तनु मांगलिक, आकांक्षा गुप्ता आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
