{“_id”:”66e5fe2d19f3cf35e70ec079″,”slug”:”water-released-from-the-dam-after-rain-became-a-disaster-80-villages-were-surrounded-by-water-orai-news-c-224-1-ka11004-119683-2024-09-15″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: बारिश के बाद बांध से छोड़ा पानी बना आफत, 80 गांव पानी से घिरे”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। दो दिन लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद गुरुवार को पानी तो बंद हो गया पर कोटा बैराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाने से अचानक यमुना व पहूज नदी उफान पर आ गई। जिससे जिले के करीब 80 गांव पानी से घिर गए। प्रशासन इन गांवों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों व अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हैं। सुबह व शाम को डीएम-एसपी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत करते हुए उन्हें हर सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। लेकिन कई गांव ऐसे भी हैं, जहां अभी तक राहत सामग्री पहुंच नहीं पाई है।
जिले में दो दिन तक हुई बारिश के बाद रामपुरा क्षेत्र में 20 गांव, कोंच क्षेत्र में दस गांव, माधौगढ़ क्षेत्र में बीस गांव, कालपी क्षेत्र में 15 और कुठौंद क्षेत्र में 15 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। कई घरों में पानी घुसने से लोग गांवों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों में पहुंचने लगे थे। जिन्हें प्रशासन की तरफ सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। लेकिन शुक्रवार रात बांधों से पानी छोड़े जाने से यमुना व पहूज नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया। जिससे कालपी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। डीएम राजेश कुमार पांडेय व एसपी डॉ, दुर्गेश कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
यमुना खतरे के निशान से पार, 20 गांवों का संपर्क टूटा
कालपी। यमुना से सटे गांवों में ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। शनिवार सुबह खतरे के निशान 108 मीटर को यमुना पार कर गई। शनिवार को अचानक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। जिससे नदी से सटे मंगरौल, कीरतपुर, देवकली, गुढ़ाखास, शेखपुर गुढ़ा, मैनूपुर, धर्मपुर, पड़री, नरहान, उरकराकलां, दहेलखंड, निवाहना व नून नदी से सटे गांव पिपरौधा, महेवा, सिकरी, बम्हौरा, गोरा आदि का गांव का संपर्क टूट गया। जिससे लोगगों की धड़कने तेज हैं। शनिवार की सुबह डीएम व एसपी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरान किया और मंगरौल गांव में ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की। (संवाद)
दस गांवों का संपर्क टूटा, आफत में जान
रामपुरा। क्षेत्र की पांच नदियों में इस बार सर्वाधिक बाढ़ पहूज नदी में आई है। जिससे जायघा , विलौड़ , हुकुमपुरा, सुल्तानपुरा, जखेता, कूसेपुरा मोहब्बतपुरा, कंजौसा आदि गांव चारों और पानी से घिर गए हैं। वहीं, कंजौसा, जायघा एवं नदिया पार के चार गांव के सड़क मार्ग पर पानी भरने से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदियों में पानी का स्तर बढ़ता गया तो भयावह हो जाएगी। ग्राम प्रधान जायघा सौरभ राजावत ने बताया कि ग्राम जायघा के आने जाने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। जगम्मनपुर की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता भी कीचड़ से पटा है। जिससे बीमार बुजुर्ग व बच्चों को चिकित्सा के लिए रामपुरा या जगम्मनपुर ले जाना मुश्किल हो रहा है। (संवाद)
विधायक ने सलैया व महेशपुरा में बाढ़ पीड़ित परिवारों को बांटी राशन किट
कोंच। बाढ़ में अपना सब कुछ गंवा चुके 120 परिवारों के पीड़ितों को ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठाकर शनिवार को कैलिया थाना परिसर में एकत्रित किया गया, जहां विधायक मूलचंद्र निरंजन एसडीएम ज्योति सिंह व सीओ अर्चना सिंह ने उन्हें आटा, दाल, चावल, बिस्किट, आलू सरसों का तेल, मोमबत्ती, माचिस, तिरपाल, पानी की केन आदि जरूरत के सामान की किटें दीं। विधायक ने बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिया कि दैवीय आपदा की इस घड़ी में शासन प्रशासन पूरी तरह से मदद करने के लिए तत्पर है। (संवाद)
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की बढ़ सकती है संख्या
उरई। कोंच के बाद अब रामपुरा और कालपी क्षेत्र में बाढ़ का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। कालपी क्षेत्र से करीब 20 गांव से संपर्क टूट चुका है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से लगातार गांव में पानी भी बढ़ता जा रहा है। कई गांव में पानी रपटा के ऊपर से बह रहा है। इन गांव में कच्चे घरों का गिरने का डर सता रहा है। यही हाल रामपुरा क्षेत्र का बना हुआ है। करीब दस गांव से संपर्क टूट चुका है। इन गांव में भी बाढ़ का लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। यही हाल कोंच क्षेत्र का है। जिसमें सलैयाबुजुर्ग,मऊ तहसील माधोगढ़ के गांव कूसेपुरा, डिकौलीजागीर, किशनपुरा, महाराजपुरा,कर्रा,जैगहा ,नीनावलीजागीर सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं इन गांव की करीब साढ़े सात हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
प्रशासन ने तैयारी की पूरी एसडीआरएफ टीम पहुंची
उरई। बाढ़ को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम चार मोटरबोट व 45 छोटी नावों संग मुस्तैद है। छोटी नाव कम पड़ने के कारण फैजाबाद से बीस नाव और मंगाई गई हैं। एडीएम ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रशासन अभी तक करीब 9500 लोगों के पास पका भोजन व पैकेट दे चुका है। 173 बाढ़ राहत सामग्री किट वितरित की जा चुकी है।कोंच, कालपी और माधौगढ़ के एसडीएम के साथ राहत कैंप लगाए जा रहे हैं। बताया कि बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर 05162-257090 व व्हाट्सएप नंबर 7307564677 जारी किया गया है। जो 24 घंटे चालू रहेगा, समस्या होने पर संपर्क करें। (संवाद)
बारिश से कई कच्चे घर गिरे
जालौन। नगर में लगातार हुई बारिश से जलभराव व नमी के कारण कच्चे मकानों का गिरना शुरू हो गया है। विकास खंड के ग्राम खनुआं में बारिश के लगभग एक दर्जन कच्चे मकानों के गिरने से गृहस्थी भी बर्बाद हो गई। उमा देवी, गोविंद कुशवाहा, रूपनरायण पटेल, अब्दुल सलाम, प्रदीप तिवारी, रामकिशोर परिहार, रामकुमार कुशवाहा, टिल्लू दुबे, प्रभा शंकर आदि के मकान गिर गए। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि बारिश के कारण मकान गिरने हुए उनके नुकसान का आंकलन कराने के लिए लेखपाल को भेजा जाए और आंकलन रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिलाया जाए। (संवाद)
