इटावा। रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से बच्चे को चुराकर इटावा पहुंची महिला को जीआरपी ने चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह बच्चे को चोरी कर अपने साथ लाई थी। मामले की सूचना मिलते ही मिर्जापुर जीआरपी की टीम इटावा पहुंची और आरोपी महिला को अपने साथ ले गई।
जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम रेलवे स्टेशन के कानपुर छोर स्थित मालगोदाम रोड पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर एक महिला पर पड़ी, जो करीब तीन माह के बच्चे को गोद में लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थी। महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने अपना नाम मीना देवी पत्नी मंगरू निवासी ग्राम अमभाई देहात कोतवाली क्षेत्र मिर्जापुर बताया। जांच के दौरान पता चला कि महिला के पास मौजूद तीन माह का बच्चा उसका नहीं है, बल्कि उसे मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। इस संबंध में मिर्जापुर जीआरपी थाने में पहले से ही बच्चे के अपहरण की प्राथमिकी सोनभद्र आंबेडकर रॉबर्ट्सगंज आंबेडकर निवासी नूर जहां ने दर्ज कराई है। कड़ाई से पूछताछ करने पर मीना देवी ने पुलिस को बताया कि वह बच्चे को पालने की नीयत से मिर्जापुर रेलवे स्टेशन से उठाकर ले आई थी। बच्चे की मां सो रही थी तभी उसने वारदात को अंजाम दिया।घटना के बाद पकड़े जाने के डर से वह मिर्जापुर से मगध एक्सप्रेस में सवार होकर इटावा पहुंच गई और यहां छिपकर रहने की कोशिश कर रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि मीना देवी के पहले से दो बेटे पंकज और रंगीलाल व एक बेटी कंचन हैं। उसका पति मंगरू मजदूरी करता है। महिला पिछले करीब तीन वर्षों से अपने पति से अलग रहकर इटावा में और अन्य जनपदों में झाड़ू पोछे का काम रही थी। इटावा शहर के पक्का बाग क्षेत्र में किराए के मकान में रह रही थी। पति का कहना है कि उसे घटना की जानकारी पुलिस से मिली और बाद में मिर्जापुर से आई जीआरपी टीम महिला को अपने साथ ले गई।
