सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। प्रदेश के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब वर्षों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों को जिलाधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन करना पड़ा। इन बच्चों ने दिखा दिया कि भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन अगर जनता तक नहीं पहुंचेगा तो जनता उन तक पहुंच जाएगी।
अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि भाजपा नेता एकतंत्र बनाना चाहते हैं, वो अब और नहीं चलेगा। जन-प्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सबको ये समझना ही होगा कि लोकतंत्र नीचे-से-ऊपर की ओर जाता है। अब हमारा यही समाजवादी मूल्य सबको अपनाना ही होगा कि समाज के लिए सत्ता है।
इसके अलावा अखिलेश ने दिल्ली में संसद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जहां-जहां भाजपा सरकार है, वहां बड़ा भ्रष्टाचार है। भाजपा सरकार में जितने भी काम हुए, उसमें कमीशनखोरी और बजट की लूट हुई। जेवर एयरपोर्ट पर पानी भर गया। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे बन गए। जल जीवन मिशन में पानी की टंकियां गिर गईं। अयोध्या राममंदिर में चढ़ावा चोरी हो गया। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। इतना सब कुछ हो रहा है लेकिन किसी की कोई जवाबदेही नहीं है।
पूरा विपक्ष एफसीआरए के खिलाफ
अखिलेश यादव ने एफसीआरए बिल को लेकर कहा कि पूरा विपक्ष एफसीआरए बिल के खिलाफ है। इस सरकार का हर बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ होता है।
संसद में जवाब के लिए समय-सीमा तय करना अलोकतांत्रिक
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि संसद में जवाब देने के लिए सरकार जो समय-सीमा तय करना चाहती है, वो स्वयं में अलोकतांत्रिक है। दरअसल ये जवाब नहीं होगा, थोथा बयान होगा। सच तो ये है कि भाजपा चाह ही नहीं रही है कि कोई जवाब दिया जाए। वो तो सत्र के समापन के लिए उतावली है। ये कोई जिज्ञासा के सतही समाधान की औपचारिकता नहीं है, बल्कि भगवान और इंसान दोनों के साथ दुर्व्यवहार व दुर्भावना का बेहद गंभीर मुद्दा है। देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है।
