सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग और नौकरशाही भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। भाजपा संवैधानिक संस्थाओं को अपने हिसाब से चला रही है। लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। भाजपा सत्ता से हटेगी, तभी यह संकट हटेगा।
अखिलेश ने डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर लोहिया पार्क में श्रद्धांजलि देने के बाद ये बातें पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव अयोग का रवैया और कार्य भेदभावपूर्ण है। अब दोबारा से वोट बनाने का अभियान चल रहा है, जिस एसआईआर प्रक्रिया में करोड़ो रुपए खर्च हुए, प्रचार हुआ और पूरा प्रशासन लगा, अब उसे शून्य कर दिया गया। एसआईआर में किसी का फर्जी वोट नहीं बनना चाहिए था, लेकिन मतदाता सूची में लाखों वोट फर्जी बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ की सदर विधानसभा में एक ही व्यक्ति के दस वोट बन गए हैं। चुनाव आयोग सामने आए और कहे कि वह भाजपा के इशारे पर काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। जनता और सपा कार्यकर्ता भाजपा की चार सौ बीसी नहीं चलने देंगे।
अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से हर बूथ पर दो-दो सौ वोट बढ़ाने के लिए कहा था। मुख्यमंत्री ने ऐसा निर्देश इसलिए दिया, क्योंकि उन्हें पता है कि चुनाव आयोग भाजपा और सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। भाजपा चाहती है जो उसके सदस्य है, मतदाता सूची में सिर्फ उन्हीं का नाम रहे। केवल भाजपा के सदस्य ही देश के नागरिक रहें। हम सब जानते हैं कि जिसका वोट नहीं, वह देश का नागरिक नहीं रहेगा।
आजमगढ़ की सदर विधानसभा में विकास यादव नाम के दस वोट हैं, एक वोट विकास यादव डालेगा और बाकी नौ वोट भाजपा के लोग डाल देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय और बर्बरतापूर्ण कर्रवाई कर रही है। महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। भाजपा ने हिटलर की तर्ज पर प्राइवेट फोर्स बना रखी है। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी व श्याम लाल पाल प्रदेश भी उपस्थित रहे।
