जालौन के कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वकील की हत्या की साजिश बेहद शातिराना तरीके से रची गई थी। हत्या के लिए सुपारी लेने वाले मोनू यादव को उसके पिता अजय कुमार ने पहले ही समझा दिया था कि वह उसे एक बड़े आदमी से मिलवाने जा रहे हैं। अगर उसका काम हो गया तो अच्छा फायदा होगा और आगे भी मदद मिलती रहेगी।
पिता ने बेटे से साफ कहा था कि वह जो भी कहें, उनका काम कर देना। इसके बाद मोनू अपने साथी के साथ अधिवक्ता गयादीन के पास पहुंचा और खुद को मुसीबत में फंसा बताकर उनसे मदद मांगने लगा। रामपुरा में चल रहे मुकदमे को निपटवाने के बहाने उसने अधिवक्ता से संपर्क बढ़ाया और एक हजार रुपये फीस देकर दो दिन बाद आने की बात कहकर लौट गया।

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शव मिलने के बाद जांच करती पुलिस की टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की जांच में सामने आए इन घटनाक्रमों ने हत्या की साजिश के तरीके को लेकर कई चौंकाने वाले पहलू उजागर किए हैं। पुलिस की जांच के मुताबिक, मोनू के पिता अजय कुमार की इंद्रजीत यादव से जान-पहचान थी।

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शव मिलने के बाद बिलखता बेटा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्रजीत ने अधिवक्ता गयादीन की फोटो अजय कुमार के मोबाइल पर भेजी थी और कहा था कि इस व्यक्ति को किसी भी कीमत पर रास्ते से हटाना है। इसके बाद अजय ने अपने बेटे मोनू को भरोसे में लेकर उसे एक बड़े व्यक्ति से मिलवाने की बात कही।

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शव मिलने के बाद बिलखता बेटा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने कहा कि उनका काम कर देने पर अच्छा फायदा होगा और आगे भी मदद मिलती रहेगी। इस तरह मोनू को कथित तौर पर हत्या की सुपारी लेने के लिए तैयार किया गया।

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शव मिलने के बाद बिलखता बेटा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उरई से कालपी तक रखी जा रही थी नजर
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि अधिवक्ता के उरई से निकलने के बाद से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। आरोपियों को उनके आने-जाने और रास्ते की जानकारी दी जा रही थी। जैसे ही गयादीन अहिरवार कालपी पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें रोकने की साजिश पर अमल किया।

