राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाता पर पुलिस की ओर लगाई गई रोक (फ्रीज) को अदालत ने हटाए (अनफ्रीज) जाने का आदेश पारित किया है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के विवेचक की सहमति व बैंक स्टेटमेंट के आधार पर यह आदेश मंगलवार को पारित किया है।
अदालत में पांच सितंबर को मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें कहा गया कि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के केनरा बैंक के पेंशन खाता में क्रेडिट हुई कोई संदिग्ध धनराशि नहीं पाई गई है। पेंशन खाता को अनफ्रीज किए जाने में कोई आपत्ति नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि बैंक स्टेटमेंट के अनुसार आरोपी सुभाष के पेंशन खाता में कैश के रूप में अधिक धनराशि पिछले कुछ महीनों में क्रेडिट नहीं हुई है और न ही किसी अन्य एकाउंट से क्रेडिट होना दर्शित है।
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18 जुलाई को कोर्ट में दिया था प्रार्थना पत्र
– चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने पेंशन बैंक खाता में पुलिस की ओर से निकासी पर लगाई गई रोक को हटाए जाने की मांग का प्रार्थना पत्र कोर्ट में 18 जुलाई को प्रस्तुत किया था। थाना कोतवाली नगर के पूनम साईं कुटीर बैंकर्स लेन, अंजनी पुरम कालोनी देवकाली निवासी जिला कारागार में निरुद्ध आरोपी सुभाष श्रीवास्तव पुत्र सुंदर लाल ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा था कि मंदिर चढ़ावा धनराशि चोरी के मामले में पुलिस ने उसके सभी बैंक खातों को जमा निकासी करने से अवरुद्ध कर दिया गया है। वह बैंक का सेवा निवृत्त कर्मचारी है। बैंक से मिलने वाली पेंशन का खाता केनरा बैंक में है जिसको भी पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। मासिक पेंशन ही परिवार के जीवन यापन का सहारा है।
