लाइसेंस और अवैध मंडी संचालन पर व्यापारियों और मंडी समिति में गतिरोध गहराता जा रहा है। शनिवार को अधिकारियों ने निगरानी कर अवैध को बंद कराने का भरोसा दिया था। मगर रविवार को कोई नहीं पहुंचा, इससे व्यापारियों ने लिखित आश्वासन पर ही अब आंदोलन खत्म करने की बात कही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि 24 तक बात नहीं सुलझी तो 25 को सिकंदरा मंडी बंद की जाएगी।
व्यापारियों ने बसई में सज रहे अवैध आढ़त और फड़ों पर माल उतरने पर कड़ी नाराजगी जताई है। सिकंदरा मंडी के आढ़तियों के साथ उप निदेशक मंडी अनिल कुमार और मंडी सचिव अजय प्रताप सिंह ने मुलाकात की थी। व्यापारियों का कहना है कि नोटिस के बाद भी बसई में कारोबार जारी है। इससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
अधिकारियों ने रविवार से ही निगरानी टीम लगाने का भरोसा दिया था। साथ ही कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय मांगा। इस पर व्यापारी राजी भी हो गए। मगर रविवार को बसई मंडी में पहले की तरह कलुआ राम (लाइसेंसी) और सुल्लड़ मंडी के चारों ओर बनी अवैध आढ़तों पर माल उतरता रहा। अवैध फड़ों पर माल भी बिका।
इस पर नाराजगी जताते हुए आलू प्याज एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिओम दुबे ने कहा कि मंडी समिति अब लिखित रूप से कार्रवाई का आश्वासन दे, तभी व्यापारी मानेंगे। मौखिक आश्वासन का पालन नहीं किया गया। उधर, अब सोमवार को मंडी समिति उपनिदेशक से व्यापारी मुलाकात कर विरोध जताएंगे।
