लखनऊ। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के दोनों संगठनों का विलय कर एकीकृत कार्यकारिणी का गठन किया गया है। करीब ढाई दशक बाद हुए इस एकीकरण को शिक्षकों के आंदोलन को नई ऊर्जा देने वाला कदम बताया गया है। फुपुक्टा की ओर से बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, हजरतगंज में आयोजित प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

संरक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार राय ने कहा कि दोनों संगठनों के एकीकरण के बाद संगठन संशोधित नियमावली के आधार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से संचालित होगा। अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एकीकृत संगठन के माध्यम से उच्च शिक्षा और शिक्षकों के समक्ष मौजूद चुनौतियों का प्रभावी और सशक्त तरीके से मुकाबला किया जाएगा।

महामंत्री प्रो. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

पदाधिकारियों के अनुसार, करीब ढाई दशक पूर्व उच्च शिक्षक आंदोलन में विभाजन के कारण शिक्षक संगठन दो धड़ों में बंट गया था। इनमें फुपुक्टा और फुपुक्टा (रजिस्टर्ड) शामिल थे। अब दोनों संगठनों का विलय कर एकीकृत कार्यकारिणी बनाई गई है। एकीकरण के बाद फेडरेशन की प्रबंध कार्यकारिणी सूची को डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, लखनऊ ने पंजीकृत/मान्यता प्रदान कर दी है।

फुपुक्टा महिला उपाध्यक्ष डॉ. अर्चना दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा और शिक्षकों का आंदोलन कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और हितों की प्रभावी रक्षा के लिए संगठन को मजबूत, संगठित, संघर्षशील, लोकतांत्रिक और प्रभावी बनाया जाएगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *