देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh

Updated Wed, 07 Oct 2026 10:33 AM IST

कागजी कारोबार के जरिये 42 बोगस फर्मों ने 236 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया और बाद में गायब हो गईं। शासन के निर्देश पर गठित एसआईटी ने 33 प्राथमिकी दर्ज कराई हैं, जबकि विभाग ने करीब 415 करोड़ रुपये की देनदारी निकाली और अब तक सिर्फ 2.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।

 


236 Crore ITC Scam: 42 Fake Firms Vanish After Claiming Credit

करोड़ों की आईटीसी
– फोटो : amar ujala



विस्तार

 कागजी कारोबार से सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले एक बेहद शातिर जीएसटी सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। कागजों पर बनीं 42 कंपनियां 236 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेकर लापता हो गईं। घोटाले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस सिंडिकेट ने सेंट्रल जीएसटी प्रणाली की खामियों को अपना हथियार बनाया।


शासन तक घोटाले की गूंज पहुंची तो विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। टीम ने एक साल में 42 ऐसी बोगस फर्मों को बेनकाब किया है। साथ ही 33 प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। 236 करोड़ रुपये डकारने वाली फर्मों पर विभाग ने न्याय निर्णयन की कार्रवाई करते हुए लगभग 415 करोड़ रुपये की देनदारी निकाली है। अब तक जालसाजों से केवल 2.5 करोड़ रुपये की ही वसूली हुई है। जांच टीम अब सिंडिकेट जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

 



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