प्रदेश के करीब 47 लाख विद्युत उपभोक्ताओं का भार बढ़ाकर वर्तमान दरों पर अतिरिक्त सिक्योरिटी वसूले जाने के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बुधवार को विद्युत नियामक आयोग में जनहित याचिका दाखिल किया। विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्यों से मिलकर प्रस्ताव सौंपते हुए उपभोक्ताओं पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को समाप्त करने की मांग की।
परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जुलाई में परिषद ने 47 लाख उपभोक्ताओं के भार के पुर्ननिर्धारण के बाद अतिरिक्त सिक्योरिटी वसूले जाने का मामला उठाया था। पुराने कनेक्शनों में वर्षों पहले जमा की गई जमानत राशि को नजरअंदाज कर पूरे पुराने भार की वर्तमान दरों से दोबारा गणना करना उपभोक्ताओं के साथ न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता, 2005 की धारा 4.20 (सी) में भार वृद्धि के मामले में अतिरिक्त भार के लिए आवश्यक अतिरिक्त सिक्योरिटी का प्रावधान है। ऐसे में यदि किसी उपभोक्ता का भार केवल 1 किलोवाट अथवा 1 केवीए बढ़ता है तो अतिरिक्त सिक्योरिटी का आधार भी केवल वही बढ़ा हुआ लोड होना चाहिए, न कि वर्षों पुराने पूरे भार की वर्तमान दर से दोबारा गणना।
परिषद के संज्ञान में एक मामला आया है, जिसमें 300 केवीए के पुराने औद्योगिक कनेक्शन में लगभग 1 किलोवाट भार बढ़ाने पर करीब 4 लाख रुपये अतिरिक्त सिक्योरिटी की मांग की गई है। अवधेश वर्मा ने कहा कि यदि यह मांग पुराने भार को वर्तमान दरों पर दोबारा आंकने के कारण बनी है तो इसकी तत्काल नियामकीय समीक्षा आवश्यक है।
