बारिश के बीच एसएन कॉलेज प्रशासन को हादसे का डर सता रहा है। ऐसे में बेहद जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इनमें मरीजों का इलाज होने के साथ पढ़ाई-लिखाई का भी कार्य होता है। बाद में शासन से बजट आने के बाद जर्जर भवनों का नियमानुसार पूरा काम कराया जाएगा।
इमरजेंसी में भर्ती खंदारी निवासी 10 साल के उमेर पर प्लास्टर गिर गया था। अगले दिन उनकी मौत के बाद सपा-कांग्रेस ने हंगामा किया। इसे प्लास्टर से मौत बताते हुए जमकर हंगामा किया। कॉलेज प्रशासन इसे गंभीर निमोनिया से मौत बता रहा था। इसके बाद पांच सदस्यीय टीम ने नौ भवनों का निरीक्षण किया। इनमें से पांच भवनों की हालत बेहद जर्जर मिली।
इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि बारिश भी हो रही है। ऐसे में बाल रोग, एकेडमिक ब्लॉक और न्यू सर्जिकल एलाइड की बेहद जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इसके लिए आंतरिक बजट का उपयोग किया जा रहा है। शासन से बजट आने के बाद जर्जर इमारतों की मरम्मत का काम नियमानुसार किया जाएगा।
