आगरा के शाहगंज के बारह खंबा क्षेत्र में रुई की मंडी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का अधूरा निर्माण स्थानीय निवासियों और दुकानदारों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। सड़क के बीच तीन पिलर खड़े कर काम बंद कर देने से पूरा मार्ग किसी बदहाल गांव की पगडंडी जैसा हो गया है। प्रतिदिन चार लाख से अधिक लोगों की आवाजाही वाले इस मुख्य मार्ग की बदहाली से क्षेत्रीय जनता बेहद चिंतित है।
रुई की मंडी रेलवे फाटक से बारह खंबा की ओर की सड़क पर जगह-जगह मिट्टी और मलबा बिखरा पड़ा है। लगातार खोदाई के कारण क्षेत्र की नालियां चोक हैं। गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। मार्ग पर कीचड़ के कारण राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह सोनी ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन शिफ्ट न करने से क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। सड़क पर ग्रीन मेट न लगाने और पानी का छिड़काव न होने से दिनभर धूल उड़ती रहती है।
दुकानदार इकबाल ने बताया कि मलबे और कुछ दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण सड़क पर निकलने के लिए जगह ही नहीं बची है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि रेलवे अधिकारी केवल रात में निरीक्षण करने आते हैं और मलबा हटाने का काम बेहद सुस्त है। एक सप्ताह से काम पूरी तरह बंद होने के कारण तनाव बढ़ गया है। दरअसल, खेरिया पुल पर जल्द मरम्मत कार्य शुरू होना है, जिससे यातायात को इसी मार्ग से गुजारा जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी आगरा मंडल संजय कुमार गाैतम ने बताया कि अब जल्द ही खेरिया आरओबी पर कार्य शुरू किया जाएगा। इसलिए यहां का कार्य बंद किया गया है। खेरिया आरओबी का कार्य पूरा होते ही बारह खंबा आरओबी का कार्य शुरू होगा।
