पांडु नदी का जलस्तर चौथे दिन फिर से उफान मारने लगा। इससे शहर के दक्षिणी इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। बर्रा-8 की कच्ची बस्ती में करीब 300 परिवार घर छोड़कर जा चुके हैं। पिपौरी गांव जलमग्न हो गया है। मायापुरम, गुजैनी, मर्दनपुर और मेहरबान सिंह का पुरवा समेत आसपास के इलाकों में सैकड़ों परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग एक लाख से अधिक की आबादी इससे प्रभावित है। वहीं, एनडीआरएफ की टीम का रेस्क्यू अभियान जारी है।
पिपौरी में एनडीआरएफ की टीम ने 55 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला है। वहीं, दूसरी मंजिल पर रह रहे लोगों को नाव से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बुजुर्गों और बच्चों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। रविवार को करीब 200 परिवारों को राशन वितरित किया गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने पिपौरी और मायापुर क्षेत्र का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
बर्रा-8 की कच्ची बस्ती के लोगों का आरोप है कि कई स्थानों से निकाला गया सीवर का पानी टैंकरों से पांडु नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे घरों तक गंदगी पहुंच रही है। गोपालपुरम निवासी कृष्ण सिंह ने बताया कि ट्रक के दो ट्यूब लगाकर जरूरी सामान बाहर निकाल रहे हैं।