Khatauli में वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े ऐतिहासिक श्रावणी छड़ियांन मेले का भव्य शुभारंभ हो गया। गोगा जाहरवीर मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मेले का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया। शुभारंभ के साथ ही मेला परिसर में रौनक बढ़ने लगी और आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह दिखाई दिया।
मेले के उद्घाटन अवसर पर प्रशासन और नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों से जुड़े लोग और नगर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस बार मेले में मनोरंजन के साथ साहित्य, संस्कृति और लोक कला से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मेले की सबसे खास बात इसकी सुरक्षा व्यवस्था बताई जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में सड़क से लेकर अप्पू घर तक 90 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पुलिस बल, एंटी रोमियो टीम, इमरजेंसी गेट और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था भी की गई है।
गोगा जाहरवीर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुआ शुभारंभ
श्रावणी छड़ियांन मेले की शुरुआत गोगा जाहरवीर मंदिर परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ हुई। पूजा-अर्चना के बाद अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने फीता काटकर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।
उद्घाटन कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. ललित मिश्रा, नगर पालिका परिषद चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू, सीओ रुपाली राव और ईओ राजीव कुमार ने संयुक्त रूप से मेले का शुभारंभ किया।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद मेले की गतिविधियां शुरू हुईं। स्थानीय लोगों के लिए यह आयोजन केवल मनोरंजन का अवसर नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है।
खतौली की पहचान से जुड़ा है श्रावणी छड़ियांन मेला
नगर पालिका परिषद चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू ने मेले के उद्घाटन अवसर पर कहा कि श्रावणी छड़ियांन मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है। यह खतौली की वर्षों पुरानी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ लोगों को एक साथ आने और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
मेले का ऐतिहासिक स्वरूप इसे खतौली के प्रमुख आयोजनों में शामिल करता है और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ते हैं।
मेले में मनोरंजन के साथ साहित्य और संस्कृति का तड़का
इस बार श्रावणी छड़ियांन मेले में केवल झूले और मनोरंजन के साधन ही आकर्षण का केंद्र नहीं होंगे। आयोजकों ने साहित्य, संगीत, लोक संस्कृति और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों की भी तैयारी की है।
मेले में ऑल इंडिया मुशायरा, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, रागिनी कम्पीटिशन और बाल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों और साहित्यकारों को मंच मिलने की उम्मीद है। वहीं स्थानीय लोगों और मेले में आने वाले दर्शकों के लिए भी ये कार्यक्रम खास आकर्षण रहेंगे।
ऑल इंडिया मुशायरा में दिखेगा शायरी का रंग
मेले में आयोजित होने वाला ऑल इंडिया मुशायरा साहित्य और शायरी प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
मुशायरे जैसे कार्यक्रमों की खासियत यह होती है कि इनमें अलग-अलग विषयों और भावनाओं को शेरो-शायरी के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। खतौली के इस पारंपरिक मेले में मुशायरे का आयोजन धार्मिक और मनोरंजक गतिविधियों के बीच साहित्यिक रंग जोड़ने वाला रहेगा।
दर्शकों को इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले शायरों की प्रस्तुतियां सुनने का अवसर मिल सकता है।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में गूंजेंगी कविताएं
मेले के दौरान अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। हास्य, व्यंग्य, देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और समसामयिक विषयों पर आधारित कविताएं कार्यक्रम का हिस्सा बन सकती हैं।
कवि सम्मेलन आमतौर पर परिवार के अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों को जोड़ने वाला कार्यक्रम होता है। यही वजह है कि मेले में इसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में शामिल किया गया है।
रागिनी प्रतियोगिता से लोक संस्कृति को मिलेगा मंच
श्रावणी छड़ियांन मेले में रागिनी कम्पीटिशन भी आयोजित किया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक सांस्कृतिक परंपराओं में रागिनी गायन की अपनी विशिष्ट पहचान है।
ऐसे मंच लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं। मेले में रागिनी प्रतियोगिता के आयोजन से लोक संगीत और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बच्चों के लिए भी होंगे विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले में बाल सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना बनाई गई है। इससे बच्चों को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
नृत्य, संगीत, कविता और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। परिवारों के लिए यह कार्यक्रम इसलिए भी खास रह सकता है क्योंकि मेले में आने वाले बच्चों को मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का अनुभव मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की खास नजर
मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है।
एसडीएम डॉ. ललित मिश्रा और सीओ रुपाली राव ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल के साथ एंटी रोमियो टीम भी तैनात की गई है।
प्रशासन की कोशिश है कि मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो तथा आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
90 CCTV कैमरों से पूरे परिसर पर नजर
मेले की सुरक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा कदम व्यापक CCTV निगरानी को बताया जा रहा है।
मेला ठेकेदार गुलफाम के अनुसार सड़क से लेकर अप्पू घर तक पूरे परिसर में 90 CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में कैमरे लगाए जाने से मेला परिसर के अलग-अलग हिस्सों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सड़क से अप्पू घर तक निगरानी का इंतजाम
CCTV कैमरों की व्यवस्था केवल मुख्य प्रवेश क्षेत्र तक सीमित नहीं रखी गई है। जानकारी के अनुसार सड़क से लेकर अप्पू घर तक पूरे परिसर को निगरानी व्यवस्था में शामिल किया गया है।
मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने के साथ किसी भी तरह की अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने में CCTV व्यवस्था प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
आपात स्थिति के लिए बनाए गए दो इमरजेंसी गेट
मेला परिसर में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दो इमरजेंसी गेट बनाए गए हैं।
बड़े आयोजनों में आपातकालीन निकासी के लिए वैकल्पिक रास्तों का होना महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी अप्रत्याशित स्थिति में भीड़ को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में ऐसे गेट मददगार हो सकते हैं।
अग्निशमन वाहन भी रहेगा तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मेला परिसर में अग्निशमन वाहन की तैनाती भी की गई है।
मेले में अस्थायी दुकानों, विद्युत व्यवस्था, खानपान स्टॉल और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता आवश्यक होती है। प्रशासन की ओर से अग्निशमन वाहन की व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एंटी रोमियो टीम भी रहेगी सक्रिय
मेले में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एंटी रोमियो टीम की तैनाती की गई है।
पुलिस की यह टीम मेला क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करेगी।
प्रशासन का प्रयास है कि परिवारों के साथ आने वाले लोगों को सुरक्षित और सहज वातावरण मिले।
प्रशासन और नगर पालिका ने मिलकर तैयार की व्यवस्था
मेले के आयोजन में प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त भूमिका रही। उद्घाटन कार्यक्रम में एसडीएम, सीओ, नगर पालिका चेयरमैन और ईओ की मौजूदगी ने आयोजन के प्रशासनिक पक्ष को भी रेखांकित किया।
मेले की व्यवस्थाओं में सुरक्षा, आपातकालीन इंतजाम और निगरानी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोग भी पहुंचे
उद्घाटन कार्यक्रम में नगर के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।
भाजपा नेता अनुज सहरावत, कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा, जलकल विभाग से विपिन कुमार, रंजन, श्रवण कुमार बाबू, संदीप अग्रवाल, कपिल नागर, सभासद अजय भुर्जी, अमित त्यागी, सौरभ जैन, असद उर्फ शालू, दानिश मिर्जा, डॉ. हारून मलिक, हाजी वसीम, मास्टर सत्तार, कपिल मोतला, विनोद शेरवान, कमल वर्मा और पूर्व सभासद शाह नजर उन्स सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
धार्मिक आयोजन से शुरू होकर सांस्कृतिक उत्सव तक
श्रावणी छड़ियांन मेले की शुरुआत धार्मिक परंपरा के साथ हुई, लेकिन इसका स्वरूप केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है।
मेले में मनोरंजन, साहित्य, संगीत, लोक कला और बच्चों के कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। यही मिश्रित स्वरूप इसे स्थानीय लोगों के लिए आकर्षक बनाता है।
गोगा जाहरवीर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मेले का शुभारंभ होना आयोजन की धार्मिक पृष्ठभूमि को सामने लाता है, जबकि मुशायरा, कवि सम्मेलन और रागिनी प्रतियोगिता इसके सांस्कृतिक पक्ष को मजबूत करते हैं।
परिवारों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगा मेला
ऐतिहासिक मेले आम तौर पर पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का अवसर बनते हैं। बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजन गतिविधियां, युवाओं के लिए विभिन्न आकर्षण तथा बड़ों के लिए धार्मिक और साहित्यिक कार्यक्रम—मेले में अलग-अलग वर्गों के लिए गतिविधियां रखी गई हैं।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के कारण परिवारों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर भी प्रशासन का जोर दिखाई दे रहा है।
स्थानीय व्यापार और छोटे कारोबारियों के लिए भी अवसर
बड़े मेलों का एक महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय कारोबार भी होता है। मेला क्षेत्र में दुकानें, खानपान के स्टॉल और अन्य छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान लोगों की आवाजाही के साथ कारोबार का अवसर प्राप्त करते हैं।
मेले में आने वाली भीड़ स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को गति दे सकती है। हालांकि कारोबार के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं का संतुलन बनाए रखना भी प्रशासन और मेला प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
परंपरा और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था का मेल
खतौली के श्रावणी छड़ियांन मेले की इस बार की व्यवस्था में एक खास बात नजर आती है—एक ओर वर्षों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, तो दूसरी ओर सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
90 CCTV कैमरों की तैनाती और आपातकालीन गेट जैसी व्यवस्थाएं यह बताती हैं कि पारंपरिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर आधुनिक उपायों को महत्व दिया जा रहा है।
मेले को लेकर खतौली में बढ़ी हलचल
शुभारंभ के साथ ही मेले को लेकर खतौली में गतिविधियां बढ़ गई हैं। धार्मिक स्थल से लेकर मेला परिसर तक आयोजन को लेकर लोगों में उत्सुकता है।
आने वाले दिनों में मुशायरा, कवि सम्मेलन, रागिनी प्रतियोगिता और बाल सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ मेले की रौनक और बढ़ने की उम्मीद है।
श्रावणी छड़ियांन मेला बना आस्था, मनोरंजन और संस्कृति का संगम
खतौली में श्रावणी छड़ियांन मेले का शुभारंभ धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के बीच हुआ। गोगा जाहरवीर मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुए इस आयोजन में जहां परंपरा का रंग दिखाई दिया, वहीं आगे होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इसे और व्यापक रूप दे दिया है।
ऑल इंडिया मुशायरा और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन साहित्य प्रेमियों को आकर्षित करेंगे, जबकि रागिनी कम्पीटिशन पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक सांस्कृतिक विरासत को मंच देगा। बच्चों के लिए होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम परिवारों के लिए अतिरिक्त आकर्षण रहेंगे।
उधर, मेले में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने भी व्यापक तैयारी की है। पर्याप्त पुलिस बल और एंटी रोमियो टीम की तैनाती के साथ दो इमरजेंसी गेट और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था की गई है। मेला ठेकेदार गुलफाम के अनुसार सड़क से अप्पू घर तक पूरे परिसर में 90 CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
एसडीएम डॉ. ललित मिश्रा, नगर पालिका परिषद चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू, सीओ रुपाली राव और ईओ राजीव कुमार की मौजूदगी में हुए उद्घाटन के बाद मेले ने औपचारिक रूप से अपना रंग पकड़ लिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोगों की कितनी भागीदारी रहती है और यह ऐतिहासिक मेला इस बार किस तरह अपनी परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं का संगम पेश करता है।
खतौली में ऐतिहासिक श्रावणी छड़ियांन मेले का विधिवत शुभारंभ गोगा जाहरवीर मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद किया गया। एसडीएम डॉ. ललित मिश्रा, नगर पालिका परिषद चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू, सीओ रुपाली राव और ईओ राजीव कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। मेले में ऑल इंडिया मुशायरा, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, रागिनी कम्पीटिशन और बाल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल, एंटी रोमियो टीम, दो इमरजेंसी गेट और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था की गई है। मेला ठेकेदार गुलफाम के अनुसार सड़क से लेकर अप्पू घर तक पूरे परिसर में 90 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। उद्घाटन अवसर पर अनुज सहरावत, मुकेश शर्मा, विपिन कुमार, रंजन, श्रवण कुमार बाबू, संदीप अग्रवाल, कपिल नागर, अजय भुर्जी, अमित त्यागी, सौरभ जैन, असद उर्फ शालू, दानिश मिर्जा, डॉ. हारून मलिक, हाजी वसीम, मास्टर सत्तार, कपिल मोतला, विनोद शेरवान, कमल वर्मा और पूर्व सभासद शाह नजर उन्स सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
