एसएन मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस कराने के लिए मारामारी हो रही है। यहां वार्ड फुल चल रहे हैं। 90 से अधिक मरीज वेटिंग में हैं। ऐसे में नए मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए आगामी तारीख दी जा रही हैं। इन मरीजों को स्लॉट खाली होने का इंतजार कर पड़ रहा है।

एसएन में डायलिसिस की 20 मशीनें संचालित हैं। इसमें आईसीयू, एचडीयू में भी मशीनें हैं। 16 मशीनें यूनिट में लगी हैं। यहां राशन कार्ड दिखाकर डायलिसिस और दवाओं की निशुल्क सुविधा है। डायलिसिस कराने के लिए रोजाना 10-15 नए मरीज आ रहे हैं। यहां डायलिसिस चार शिफ्टों में हो रही है, ऐसे में इसके सभी स्लॉट फुल हैं। जांच और डायलिसिस पूरी तरह से निशुल्क होने के कारण आगरा-अलीगढ़ मंडल के अलावा कई और जिलों से भी मरीज आ रहे हैं। किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि रोजाना औसतन 60-70 मरीजों की डायलिसिस हो रही है।

मरीजों की संख्या को देखते हुए रात में गंभीर मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। नए मरीजों का नाम, पता और फोन नंबर दर्ज करके स्लॉट खाली होने तक इंतजार करने को कहते हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि डायलिसिस-दवाओं की सुविधा निशुल्क होने से कई जिलों से मरीज आ रहे हैं, इसके चलते वार्ड फुल है। नई मशीन खरीदने के साथ ही 100 बेड की यूनिट बनाने पर भी प्रस्ताव बना रहे हैं।

छह मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट की मिली अनुमति

एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सात मरीजों की फाइल तैयार हो गई है। इनकी चिकित्कीय जांच पूरी होने के साथ कानूनी अनुमति भी मिल गई है। इसी महीने के अंत में एसजीपीजीआई लखनऊ की टीम आएगी और ट्रांसप्लांट होगा। इस बार दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट की उम्मीद है। बीते महीने ये सुविधा शुरू हुई है।



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