Operation Savera Budhana के अंतर्गत Muzaffarnagar पुलिस को नशे और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना बुढ़ाना पुलिस ने प्रतिबंधित वेनेरेक्स कफ सिरप की खरीद-फरोख्त में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 10 लाख रुपये मूल्य की भारी खेप बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी और तस्करी में प्रयुक्त एक कार भी बरामद की है।
यह कार्रवाई सहारनपुर परिक्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों, प्रतिबंधित दवाओं और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार थाना बुढ़ाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप लेकर बिक्री के लिए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की और बुढ़ाना-कांधला मार्ग से विज्ञाना जाने वाले रास्ते पर स्थित खंडहर के पास घेराबंदी कर दी।
जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित वेनेरेक्स कफ सिरप बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने मौके से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।
24 कार्टन में मिली 2845 शीशियां, लाखों की नकदी भी बरामद
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में 24 पेटी कार्टन में कुल 2845 शीशियां प्रतिबंधित वेनेरेक्स कफ सिरप बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार बरामद दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से 3 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि यह रकम प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध बिक्री से अर्जित की गई थी।
घटना में प्रयुक्त एक आल्टो कार भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है, जिसका उपयोग कथित रूप से तस्करी के लिए किया जा रहा था।
सहारनपुर रेंज में चल रहा है ‘ऑपरेशन सवेरा’ अभियान
पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में सहारनपुर रेंज के तीनों जिलों में “ऑपरेशन सवेरा” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और अवैध मादक पदार्थों तथा प्रतिबंधित दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
अभियान के तहत पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और विभिन्न जिलों में विशेष चेकिंग एवं छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी युवाओं के स्वास्थ्य और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक सुभाष बाबू अत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार से जुड़े तत्वों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर ऐसे नेटवर्क को पनपने नहीं दिया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, एक आरोपी अभी फरार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- अमजद पुत्र मोहम्मद अरशद, निवासी मेरठ
- गुलवेज पुत्र इंतजार, निवासी नई बस्ती भूड, थाना खतौली, मुजफ्फरनगर
- जोएब पुत्र जावेद, निवासी इकराम नगर, थाना लोनी, कमिश्नरेट गाजियाबाद
वहीं, मामले में एक अन्य आरोपी शुभम निवासी गाजियाबाद का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने उसे वांछित घोषित करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
उत्तराखंड में बेचने की थी तैयारी, पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे लंबे समय से प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े हुए थे। आरोपियों के अनुसार उन्होंने यह खेप गाजियाबाद निवासी शुभम से प्राप्त की थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे प्रतिबंधित कफ सिरप को उत्तराखंड में बेचने की तैयारी में थे। वहां ऊंचे दामों पर बिक्री कर अवैध लाभ अर्जित किया जाता था और बाद में प्राप्त धनराशि को आपस में बांट लिया जाता था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।
प्रतिबंधित कफ सिरप क्यों बनती है चिंता का विषय?
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ प्रकार की कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। इसी कारण कई दवाओं की बिक्री और परिवहन को नियंत्रित किया जाता है। अवैध रूप से इन दवाओं की तस्करी युवाओं और समाज के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।
नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों में ऐसी दवाओं की बरामदगी को महत्वपूर्ण सफलता माना जाता है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि चिकित्सकीय सलाह के बिना ऐसी दवाओं का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
पुलिस टीम की भूमिका रही अहम
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुभाष बाबू अत्री, उपनिरीक्षक सूर्य प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक संदीप कुमार, उपनिरीक्षक छविकांत सिंह, हेड कांस्टेबल अमरदीप, संजय कुमार, नकुल सांगवान तथा कांस्टेबल सतीश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस विभाग ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत हुई यह कार्रवाई प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। करीब 10 लाख रुपये मूल्य की वेनेरेक्स कफ सिरप, 3 लाख रुपये नकद और तस्करी में प्रयुक्त वाहन की बरामदगी से पुलिस को अवैध नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा।
