गृहकर, संपत्तिकर जमा करने के लिए ब्याज में छूट के प्रावधान वाली एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में एक महीने में केवल 65 लाख रुपये की वसूली हुई है। मंगलवार को नगर निगम सदन में मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्षदों ने कम वसूली पर नाराजगी जताई। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
मेयर ने ओटीपी की समस्या को मुख्यमंत्री के सामने उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षक और पार्षदों को सूची दी जाए ताकि करदाता तक ओटीएस का फायदा पहुंच सके। समस्याओं के निदान के लिए हेल्प डेस्क बनाएं। निगम के हर कार्यक्रम में अधिकारी और पार्षद प्रचार करें। पार्षदों ने जोनवार गृहकर जमा कराने के लिए कैंप लगाने का सुझाव दिया।
पार्षदों ने ओटीएस में 65 लाख रुपये की वसूली पर नाराजगी जताई और कहा कि शहर में बड़ी मात्रा में गृहकर बकाया है। किसी स्तर पर कर्मचारी या अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं तो उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। योजना का लाभ दिलाने में उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि अभियान को गंभीरता से लिया जा सके। इस दौरान नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, सीएफओ बृजेश सिंह, सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय, अशोक प्रिय गौतम, मुख्य कर अधिकारी शिवकुमार गौतम आदि मौजूद रहे।
