Sub-inspector suspended in case involving the swindling of 1.5 lakh rupees from a class 5 student

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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समस्या लेकर सीपी कार्यालय क्यों चली गई। जानती नहीं हो क्या कि समाधान मैं करुंगा… सीपी नहीं। यह धमकी देना घाटमपुर चौकी के दरोगा नवीन कुमार को भारी पड़ गया। दरोगा के बड़े बोल की जानकारी होने पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने जनसुनवाई को बीच में ही रोककर घाटमपुर इंस्पेक्टर को जूम मीटिंग से जोड़ा। फटकराते हुए दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश सुना दिया।


इंस्पेक्टर मनोज सिंह ने दरोगा नवीन का पक्ष लिया तो पुलिस कमिश्नर ने उन्हें फटकारा और दरोगा के खिलाफ प्राथमिकी तक दर्ज करने की बात कही। हालांकि, बाद में मामला निलंबन पर ही थम गया। सीपी के तेवर देख कुछ देर के लिए जनसुनवाई में मौजूद फरियादियों में भी सन्नाटा छा गया।

ये था पूरा मामला

पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बुधवार को घाटमपुर निवासी महिला पहुंची। उन्होंने सीपी को बताया कि उनकी 13 साल की कक्षा पांच में पढ़ने वाली बच्ची को मोहल्ले के ही दूसरे समुदाय के चार युवक कई दिनों से परेशान कर रहे थे। चारों लड़कों ने बेटी को डरा-धमकाकर उससे रुपये ऐंठने शुरू कर दिए। बेटी ने लड़कों को 55 हजार रुपये नकद और 97 हजार रुपये ऑनलाइन दिए। इसका पता चलने पर बेटी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने चारों लड़कों की करतूत बताई। महिला के अनुसार थाने में शिकायत करने पर दरोगा ने समझौते के लिए चौकी आने का दबाव बनाया। महिला के अनुसार बुधवार को जब वह सीपी कार्यालय से निकलकर घर जा रही थीं तो दरोगा ने उन्हें धमकाया। इसकी भी जानकारी उन्होंने पुलिस कमिश्नर को दी।


पुलिस का काम पीड़ित को न्याय दिलाना है न कि धमकाना। इस कारण ही दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा मामले की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश भी दिए गए हैं। – रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर




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