कन्नौज जिले के बढ़ौरा गांव में जैसे ही कानपुर पुलिस ने आरोपी विष्णु को पकड़ा तो वह चिल्लाने लगा कि ये लोग अपहरण कर ले जा रहे हैं…और मेरी हत्या कर देंगे। इसी बात पर ग्रामीण हमलावर हो गए और पुलिस वालों पर टूट पड़े। पनकी मंदिर चौकी प्रभारी दिवाकर पांडेय चिल्लाते रहे कि हम पुलिस वाले हैं…कोई गुंडा या बदमाश नहीं। मगर ग्रामीणों ने एक न सुनीं और दरोगा समेत तीनों सिपाहियों को मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने बुधवार को प्राथमिकी में आठ ग्रामीणों को आरोपी बनाया है। इसमें से तीन को पकड़ लिया गया।
कानपुर नगर कमिश्नरेट के थाना पनकी में तैनात कांस्टेबल हरिओम ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पनकी मंदिर चौकी प्रभारी दिवाकर पांडेय, स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल सैयद मोहम्मद इमरान और कांस्टेबल अवधेश कुमार एक निजी वाहन से मंगलवार की शाम को गांव बढ़ौरा पहुंचे थे। पुलिस टीम चोरी की घटनाओं से जुड़े एक मामले में आरोपी की तलाश कर रही थी। गांव में पूछताछ के दौरान उन्हें औरैया के सूरजपुर निवासी राजीव कुमार उर्फ दीपू मिला। पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी।
आरोप है कि तभी राजीव ने अपने साथियों को बुला लिया। इन साथियों ने लाठियों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में चौकी प्रभारी दिवाकर पांडेय गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। कोतवाली पुलिस ने हरिओम की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जगदंबा, उनके पुत्र जीतू उर्फ जितेंद्र और रामनरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने संदीप कुमार, बिष्णु दुबे, राम नरेश, जगदंबा, जीतू उर्फ जितेंद्र, दिलीप और राघव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें जगदंबा हिस्ट्रीशीटर है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
