साहब, हमारी हालात बहुत खराब है। खाली पानी की टंकी बनाने के अलावा यहां कुछ न हुआ। चारों तरफ से टंकी टपकती है और उसमें पानी भी नहीं रहता। यह निराशा खैर तहसील के गांव बसेरा-भदियार निवासी भूपेंद्र सिंह की है जो आदर्श गांव के निवासी हैं।

गांव में घुसते ही पहली गली में अपने घर के बाहर चारपाई पर बैठे भूपेंद्र सिंह से जब विकास कार्याें के बारे में पूछा तो वे क्रोधित हो गए। तेज आवाज में बोले, ”अरे, हम तो वाको चेहरा ही भूल गए। हमें गोद में लैके कीचड़ में छोड़ दयो। ब्याह शादी में आकै फोटो तो खिंचावे, मगर काऊ से मिले तक नाए। जब वोटन की जरूरत पड़ी तो बेटा भेज दयो। हमारो ज्यादा मोंह मत खुलवाओ..जाओ, जाओ झनसे।”

क्रोधित भूपेंद्र सिंह को छोड़ जब गली में आगे बढ़े तो सामने दो और किसान मिले। गजेंद्र सिंह और महेश शर्मा, ये भी दूर खड़े भूपेंद्र सिंह की आवाज सुन रहे थे। रिपोर्टर ने जब यहां भी अपना सवाल दोहराया तो तपाक से गजेंद्र सिंह बोले, ”कछु ना करौ यहां पे। जे देख लैओ, झहां मंदिर बनो है और वाके बराबर में कीचड़ पड़ी है। गली में देख लैओ, जल ही जल मिलेगो। जब सांसद ने गोद लियो तो हल्ला ऐसो काट दियो कि पता ना का करैगो। ऐसी कीचड़ में से बालक सामान लैवेउ ना जा पावैं।” उनकी बात पूरी होती, लेकिन उससे पहले महेश शर्मा ने ही सवाल कर डाला, ”अगर सांसद ने गांव गोद लयौ है तो जाकै पूछो कां पे है वो।”



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *