सासनी थाना अंतर्गत 9 मई को इगलास सड़क स्थित जय दुर्गा धाम कॉलोनी के निकट एक युवक का शव मिला था। इस शव को लेकर अब दो परिवार अपना दावा कर रहे हैं। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।
शुरुआत में गढ़ौआ निवासी साबिर ने शव को अपने 25 वर्षीय बेटे हाशिम का बताया। हाशिम 2 मई से लापता था और 4 मई को उसकी गुमशुदगी दर्ज हुई थी। साबिर ने गांव के पांच नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने कपड़ों, सैंडल, कड़े और जाहरवीर बाबा के टैटू से पहचान की।
हालांकि, बाद में लहौर्रा निवासी नौरंगी लाल ने शव को अपने 32 वर्षीय बेटे सुसा उर्फ सुभाष का बताया। सुसा 5 मई से लापता था। नौरंगी लाल और उनके बेटे राजेश कुमार ने भी इन्हीं निशानों से पहचान का दावा किया। एक ही शव पर दो परिवारों के दावे से पुलिस उलझन में पड़ गई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने लिए। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएनए जांच के आधार पर मृतक की पहचान करेगी। 30 मई को पुलिस और तहसीलदार रजत कुमार ने शव को कब्रिस्तान से निकलवा कर लहौर्रा के परिजनों को सौंपा। बताया जा रहा है कि लहौर्रा के परिजन सुभाष के शव की प्राप्ति के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा था, अब जाकर उन्हें शव मिला है।
