हम यहां फंस गए हैं, नीचे आग लगी है। हम कैसे आएं…हमें बचा लो। स्वाति जैन (38) और उनकी बेटी अनन्या (4) आग लगने के बाद ऊपर मकान में फंस गईं। लोग उनको बचाने के लिए छत से होते हुए गए और चार जाल उखाड़ दिए, मगर सफलता नहीं मिली। सीढ़ियों के दरवाजे पर लगे ताले की चाबी नीचे दुकान में होने के कारण उसे खोला नहीं जा सका। इसके चलते मां-बेटी की मौत हो गई।

 





Mother and daughter burned alive: Ankur Jain, his heart torn by the screams of his wife and daughter

घटना के बारे में बताते हुए रो पड़ी पड़ोसी रिया जैन।
– फोटो : अमर उजाला


पड़ोस में रहने वाली रिया जैन ने बताया कि जब दुकान में आग लगी और धुआं निकलने लगा, तभी स्वाति व अनन्या को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। वे आधे घंटे तक चीखती रहीं, उनकी चीख सुनकर ही लोगों के साथ वह भी छत पर पहुंच गईं। तब भी स्वाति चिल्लाकर कह रही थी कि भैया हमें किसी तरह बचा लो, नहीं तो हम मर जाएंगे। इसके कुछ देर बाद आवाज आनी बंद हो गई।

 


Mother and daughter burned alive: Ankur Jain, his heart torn by the screams of his wife and daughter

दुकान में लगी आग में जलता सामान।
– फोटो : अमर उजाला


पड़ोसी मोहित जैन ने बताया कि उनका बराबर वाली गली में घर है। जिस समय अंकुर जैन की दुकान में आग लगने और सिलिंडर फटने के बारे में पता चला तो दौड़कर वहां पहुंचे। आग इतनी ज्यादा थी कि नीचे से ऊपरी मंजिल पर नहीं जा सके। इसके बाद अपने मकान की छत से जाकर दोनों को ऊपर लगे दरवाजे से बाहर निकालने की योजना बनाई और कई लोगों को लेकर छत पर पहुंच गया। वहां पर दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

 


Mother and daughter burned alive: Ankur Jain, his heart torn by the screams of his wife and daughter

दुकान के बाहर एकत्र लोग और छत का वह दरवाजा, जो चाबी न होने के कारण खुल नहीं सका।
– फोटो : अमर उजाला


मोहित ने बताया कि लोहे के जाल के बीच से आवाज लगाकर स्वाति भाभी को बुलाया और उन्हें बेटी के साथ ऊपर आने के लिए कहा। इसके बाद स्वाति अपनी बेटी अनन्या को लेकर ऊपर दरवाजे तक आई। दरवाजे पर ताला लगा हुआ मिला, जिसकी चाबी के बारे में स्वाति ने जानकारी नहीं होने की बात कही। इसके बाद स्वाति चाबी तलाशने की बात कहकर नीचे गई, लेकिन दोबारा उनकी आवाज नहीं आई। उन्होंने ऊपर से कई बार आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं आया। इस तरह एक ताले में दोनों की जिंदगी फंसकर रह गई।

 


Mother and daughter burned alive: Ankur Jain, his heart torn by the screams of his wife and daughter

छत के जाल को उखाड़ते लोग।
– फोटो : अमर उजाला


आग में कूदे अंकुर, लोगों ने बाहर खींचा

अंकुर जैन मकान में फंसी अपनी पत्नी स्वाति और बेटी अनन्या को बचाने के लिए आग में घुस गए, जिन्हें लोगों ने किसी तरह खींचकर बाहर निकाला। सूचना पर आए अग्निशमन कर्मियों ने पांच गाड़ियों को लगाकर दो घंटे में आग बुझाई। उसके बाद भी अंदर धुआं था तो ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर बाहर से सीढ़ी के सहारे वह मकान के अंदर घुसे। तब तक कमरे में स्वाति और अनन्या की झुलसने व दम घुटने से मौत हो चुकी थी। दुकान व मकान में लाखों रुपये का सामान भी जलकर राख हो गया।




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