झांसी। केशवपुर धाम में रजत जयंती महोत्सव पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा का श्रीराम राज्याभिषेक के साथ मंगलवार को समापन हुआ। चित्रकूट धाम कामदगिरी पीठाधीश्वर रामस्वरूपाचार्य ने कहा कि जिसके हृदय में राम है, वह कभी क्रोध नहीं कर सकता है। उन्होंने हनुमान जी की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नदियां, पर्वत एवं वृक्ष सभी स्वतंत्र है, इन्हें बांधने की जरूरत नहीं है। कथा के प्रारंभ में साधना पंडित बृजमोहन मिश्रा, शालिनी एकांश मिश्रा, ममता प्रमोद गांधी, उमा विनोद साहू, विष्णु गुप्ता, अनय मित्तल, अजय साहू ने श्रीराम चरित मानस की पूजा एवं आरती की। पंचकुंडीय श्री सीताराम महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना के साथ आहुतियां अर्पित की। श्री खाती बाबा का अभिषेक, रुद्राभिषेक एवं शृंगार किया गया। इस अवसर पर धर्माचार्य हरिओम पाठक, अनूप शास्त्री, बिरजू महाराज, बृजेश नारायण अगरिया आदि मौजूद रहे।
