आगरा में ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर पर मुनाफे का लालच देकर महिला से 21,31,847 रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

सिकंदरा के नीरज नगर, असोपा हॉस्पिटल के समीप रहने वाली सुमन राठौर ने बताया कि 8 जुलाई, 2026 को फिनसोल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के ट्रेडिंग ग्रुप में उन्हें जोड़ा गया। ग्रुप के माध्यम से कुछ लोगों ने संपर्क किया और निवेश पर मुनाफे का लालच दिया। ग्रुप एडमिन के कहने पर उन्होंने ट्रेडिंग अकाउंट बनाया। शुरुआत में 100 रुपये यूपीआई से जमा कराए गए। इसी दिन 9,900 रुपये और 9 जुलाई को 8,000 रुपये जमा कराए गए।

रकम अन्य इंटरप्राइजेज के नाम से कोटक महिंद्रा बैंक खाते में भेजी गई। 20 जुलाई को उन्होंने अपने खाते से दो लाख रुपये बताए गए खाते में आरटीजीएस किए। इसके बाद 27 जुलाई को 5.30 लाख रुपये अन्य खाते में जमा कराए। ट्रेडिंग एप पर मूलधन और मुनाफा मिलाकर 21,31,847 रुपये दिखाई दे रहे थे।

जब रकम अपने खाते में निकालने का प्रयास किया तो ग्रुप एडमिन अनन्या कुलकर्णी ने 11.60 लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा। बताया गया कि इसके बाद शेयर बेचकर भुगतान कर दिया जाएगा। इस पर उन्हें साइबर ठगी का संदेह हुआ। पीड़िता के अनुसार ग्रुप और उसके एडमिन अब भी सक्रिय हैं। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

मोबाइल हैक कर उड़ा लिए 1.18 लाख रुपये

जगदीशपुरा क्षेत्र में साइबर अपराधी ने मोबाइल फोन हैक कर पीड़ित के बैंक खाते से 1.18 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आवास विकास कॉलोनी, बोदला निवासी नीरज झा ने बताया कि उनका बैंक ऑफ बड़ौदा की कैलाशपुरी शाखा में खाता है। साइबर अपराधी ने किसी माध्यम से मोबाइल फोन हैक कर यूपीआई से खाते से रुपये निकाल लिए। 11 सितंबर को खाते से 98,800 रुपये और 12 सितंबर को दो बार में 10-10 हजार रुपये निकाले गए। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 



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