घटिया-मिलावटी पनीर-खोआ खपाने से पहले ही खाद्य विभाग की विशेष टीम ने छापा मारकर पकड़ लिया। खोआ में चींटियां मिलीं और पनीर में दुर्गंध आ रही थी। मिलावट की भी आशंका मिली। खाने योग्य नहीं मिलने पर 940 किलो पनीर-खोआ नष्ट कराया गया। इसकी कीमत 2.55 लाख रुपये है। जांच के लिए आठ नमूने भी लिए गए।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बमरौली कटारा पर धौलपुर से आ रही बोलेरो मैक्स गाड़ी रोकी। इसमें ड्रम में पनीर भरा हुआ था। इसमें दुर्गंध आ रही थी। इसको चखने पर स्वाद गड़बड़ मिला। खाद्य कारोबारी राजीव निवासी धौलपुर और वाहन स्वामी योगेश से पूछताछ में पता चला कि पनीर का वजन 400 किलो है और इसे विभिन्न डेयरी पर बेचने जा रहे हैं। इसमें क्या मिलाया है तो वह सही जानकारी नहीं दे रहे थे। इस पर पनीर को नष्ट करा दिया है। इसकी कीमत 1.04 लाख रुपये थी। जांच के लिए तीन नमूने भी लिए हैं।

खाद्य विभाग की दूसरी टीम ने शमसाबाद रोड के पास पिकअप वाहन को रोका। इसमें डलियों में खोआ भरा हुआ था। इसका स्वाद कसैला और मिलावट की आशंका मिली। इसमें चींटियां और मक्खियां भी लगी हुई थीं। खाद्य कारोबारी राजन सिंह और गौरीशंकर से पूछताछ में फैट निकाले हुए दूध से इसे बनाने की जानकारी दी। ये 540 किलो था, जिसे खोआ मंडी में बेचने के लिए लेकर जा रहे थे। इसे साफ-सफाई और उचित तापमान में भी नहीं रखा गया था। इसे भी नष्ट करा दिया है। इसकी कीमत 1.51 लाख रुपये रही। दो नमूने भी लिए हैं। फतेहपुर सीकरी के गोविंद प्रसाद एंड ब्रदर्स मिष्ठान भंडार से बेसन, पिनाहट थाने के सामने स्थित अतुल की दुकान से खोआ, लज्जाराम गुजियावाले से छेना का नमूना लिया।

धौलपुर से आ रहा मिलावटी दूध, खोआ और पनीर

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि धौलपुर से मिलावटी दूध, खोआ, पनीर भारी मात्रा पकड़े हैं। त्योहार को देखते हुए पहले से ही टीम सक्रिय कर दी थीं। मुखबिर की सूचना मिलने पर टीम ने वाहनों को पकड़कर कार्रवाई की।

खोआ-पनीर के सबसे ज्यादा नमूने फेल

खोआ, दूध, पनीर में सबसे ज्यादा मिलावट और नकली का खेल चल रहा है। विभाग की इस साल दूध के 111 नमूनों में से 81 फेल मिले हैं। इसमें से 10 नकली पाए गए। खोआ के 28 नमूनों में से 18 फेल मिले, जिसमें से 5 नकली थे। पनीर 51 नमूनों की जांच कराने पर 33 फेल मिले हैं। इसमें से 14 नकली पाए गए। मिलावटी-नकली की शिकायत के लिए 18001805533 पर शिकायत कर सकते हैं।

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पेट रोग का सबसे ज्यादा खतरा

मिलावटी और नकली सामग्री खाने-पीने से पेट रोग का सबसे ज्यादा खतरा है। लंबे समय तक इनके उपयोग से किडनी-लिवर पर भी असर पड़ सकता है। दूषित सामग्री से फूड प्वायजनिंग होने से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त होती है। ये खाने के चंद समय में भी हो सकती हैं। डॉ. नंदन सिंह, डिप्टी सीएमओ

 



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