दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण को लेकर हिंदू संगठनों के आंदोलन व हिंदू महापंचायत की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया था। लखनऊ व दिल्ली तक इस प्रकरण की गूंज गई थी। यहीं से आयुष की सनातन धर्म की वापसी की राह तैयार हुई। 

 




Religious Conversion Case: From "I will not leave Islam" to "Now I am a Hindu"—how Ayush changed

आयुष मलिक ने पहले कुछ और कहा था।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


बघरा आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने धर्मांतरण का मुद्दा उठाते हुए चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस प्रशासन ने इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की तो कुरैशी बस्ती में हिंदू महापंचायत करेंगे। इस चेतावनी के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। बाद में यशवीर महाराज ने पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट होकर महापंचायत स्थगित कर दी थी।


Religious Conversion Case: From "I will not leave Islam" to "Now I am a Hindu"—how Ayush changed

आयुष मलिक की बिना दाढ़ी वाली फोटो।
– फोटो : अमर उजाला


 हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष ने भी धर्मांतरण प्रकरण को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि वह आयुष मलिक का सनातन धर्म में घर वापसी करने पर हृदय से धन्यवाद करते हैं। पूरा हिंदू समाज उनका स्वागत करेगा। आयुष मलिक को सनातन धर्म में घर वापस लाने की जो लड़ाई प्रारंभ की थी, वह लड़ाई आज सफल हुई। हम मुख्यमंत्री और शामली प्रशासन का हृदय की गहराई से धन्यवाद करते हैं।

 


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कभी ऐसा था आयुष मलिक।
– फोटो : अमर उजाला


पिता बोले- वैदिक परंपराओं को अपनाया

आयुष मलिक की सनातन धर्म में वापसी के बारे में पिता देवराज मलिक ने कहा कि ईश्वर की कृपा, माता-पिता, परिवार के स्नेह और पूर्वजों के संस्कारों के आशीर्वाद से उनके पुत्र आयुष मलिक ने पुनः सनातन वैदिक परंपराओं को अपनाते हुए पूजा-अर्चना, जप एवं धार्मिक आचरण का मार्ग स्वीकार किया है। उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया है।


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ये फोटो वायरल होने पर खुला था मामला।
– फोटो : अमर उजाला


ये था मामला

स्वामी यशवीर महाराज ने चार जून को आयुष मलिक के धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। छह जून को शहर कोतवाली में देवराज मलिक की तरफ से संपत्ति हड़पने के लिए जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम, भाई आस मोहम्मद, बहनें राहिला, सुमाइला व राबिया, हुमा कुरैशी, तौफीक उर्फ भोला, मौलवी मुनव्वर व दो अज्ञात मौलवी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी।  इस मामले में पुलिस ने सात जून को चांदनी कुरैशी व उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद चांदनी के फुफेरे भाई सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव तौफीक उर्फ भोला को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी जेल में हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

 




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