नॉट फॉर सेल, फिजिशियन सैंपल और एक्सपायर्ड तिथि को केमिकल से हटाकर नई कीमत प्रिंट कर दवाओं की बिक्री का खेल सामने आया है। दवा माफिया सरकारी, सैंपल और एक्सपायर्ड दवाओं की तस्करी कर रहे हैं। दवाओं को 20-30 फीसदी लाभ पर मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में खपाया जा रहा है। लखनऊ मुख्यालय की टीम के छापे में री-लेबलिंग का खेल पकड़ा गया है। अवैध गोदाम से एक्सपायर्ड और सैंपल की दवाएं भारी मात्रा में पकड़ी गईं। इसमें एंटीबायोटिक, त्वचा रोग, कॉस्मेटिक, हृदय रोग समेत अन्य मर्ज की दवाएं हैं। ये देश-विदेश की नामी कंपनियों की महंगी दवाएं हैं।


आगरा में नकली, फिजिशियन सैंपल और एक्सपायर्ड दवाओं की तस्करी की जड़ें बहुत गहरी हैं। दवा माफिया इन दवाओं को खपाने के लिए हाईटेक तरीका अपना रहे हैं। केमिकल के सहारे दवाओं के पैकेट से नॉट फॉर सेल, फिजिशियन सैंपल मिटाकर नई कीमत और 2-5 साल आगे की तिथि अंकित कर हॉकरों के जरिये मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में बिक्री की जा रही है।

 



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