नकली एंटी रैबीज वैक्सीन मामले की जांच में रविवार को पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल और देवयानी दुबे के बयान दर्ज किए। दोनों अधिकारियों ने विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों और अब तक की कार्रवाई की जानकारी पुलिस को दी। साथ ही संदिग्ध फर्मों से संबंधित दस्तावेज भी सौंपे।
पुलिस को दी गई जानकारी में न्यू आरजे एजेंसीज और एलेक्जर से जुड़े फर्जी बिल, खातों में हुए लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन और आगरा से हरदोई भेजी गई एंटी रैबीज वैक्सीन की कागजी सप्लाई से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं। पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर वैक्सीन की सप्लाई चेन और संदिग्ध फर्मों के बीच हुए लेनदेन की जांच कर रही है।
पुलिस अब आगरा और हरदोई से गायब हुई वैक्सीन की शीशियों का पता लगाने में जुटी है। सीजेएम कोर्ट से कस्टडी की अनुमति मिलने के बाद आरोपियों से पूछताछ से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वैक्सीन कहां पहुंची और किस स्तर पर कोल्ड चेन से हटाई गई। ड्रग इंस्पेक्टरों के बयानों और विभागीय रिकॉर्ड को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब दस्तावेजों में दर्ज फर्मों, लेनदेन और वैक्सीन की आवाजाही का मिलान कर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
