पंजाब के अजनाला थाने पर हमले के आरोपी विक्रमजीत सिंह और मनवीर सिंह ढिल्लों के बहराइच से सटे नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसपैठ करने के मामले की जांच अब एटीएस करेगी। अभी तक बहराइच पुलिस मामले की विवेचना कर रही थी।
केस एटीएस को ट्रांसफर कर दिया गया है। एटीएस की टीम शुरू से ही मामले की जांच-पड़ताल में जुटी थी, अब वह विधिवत विवेचना भी करेगी। जांच में मुख्य रूप से आरोपियों के आतंकी कनेक्शन खंगाले जाएंगे। बड़ी साजिश और कनेक्शन के खुलासे की आशंका है।
विक्रमजीत और मनवीर को गिरफ्तार किया गया था
23 जुलाई को एसएसबी और बहराइच पुलिस ने नेपाल बॉर्डर पर विक्रमजीत और यूएपीए के आरोपी मनवीर सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार किया था। दोनों को बॉर्डर पार कराने और नेपाल में शरण दिलाने के आरोप में पीलीभीत निवासी जोगा सिंह को भी पकड़ा गया था।
पूछताछ में सामने आया कि विक्रमजीत वर्ष 2023 में पंजाब के अजनाला थाने पर ग्रेनेड से हुए हमले का आरोपी है। वहीं, मनवीर की भी एक अन्य देशविरोधी गतिविधि में भूमिका सामने आई है। इसके बाद खुफिया और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण जांच एटीएस को सौंप दी गई।
आतंकी कनेक्शन के मिले सुराग
पुलिस, खुफिया और अन्य जांच एजेंसियों की पड़ताल में कई अहम सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, विक्रमजीत और मनवीर लंबे समय से नेपाल में फरारी काट रहे थे और उन्हें स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही थी। दोनों के बॉर्डर पार कर भारत आने और इसके बाद लखनऊ एयरपोर्ट के जरिये दूसरे शहर जाने के पीछे बड़ी साजिश की आशंका है। जांच का अहम बिंदु यह है कि दोनों किस मकसद से भारत लौट रहे थे। उनके खालिस्तानी और पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में होने की आशंका भी जताई जा रही है।
अमेरिकी महिला के सामान से खुला था राज
दरअसल, एक अमेरिकी महिला बॉर्डर से गुजर रही थी। सुरक्षा बलों ने उसे रोककर जांच की। उसके पास भारत का वैध वीजा और अन्य दस्तावेज थे लेकिन अधिकारियों को उसके सामान पर शक हुआ। सूटकेस की तलाशी में पुरुष के कपड़े मिले। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि वह मनवीर की पत्नी है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मनवीर और विक्रमजीत को जोगा बाइक से बॉर्डर पार करा रहा है। इसके बाद सुरक्षा बलों ने तीनों को पकड़ लिया।
