आगरा में एक साल बाद फिर से बंदरों को पकड़ने का काम शुरू किया जाएगा। बीते साल नगर निगम से यह जिम्मेदारी हटाकर वन विभाग को सौंप दी गई थी। आवासीय क्षेत्रों में बंदरों से हो रही परेशानी को देखते हुए शासन ने अदालत के आदेश के बाद अब नगर निकायों को ही बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है।
नगर निगम बृहस्पतिवार से सरकारी दफ्तरों से बंदरों को पकड़ने की शुरुआत करने जा रहा है। इस बार बंदरों की नसबंदी करने की जगह उन्हें वन विभाग के चिह्नित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि सबसे पहले सरकारी कार्यालयों, ताजमहल व अन्य स्मारकों, सरकारी अस्पतालों, स्टेशनों पर बंदर पकड़े जाएंगे। जिन सार्वजनिक स्थलों पर ज्यादा लोग आते हैं, सबसे पहले वहां अभियान चलेगा।
शुरुआत में एक टीम बंदर पकड़ेगी, कुछ दिनों बाद दो टीमें यह काम करेंगी। शहर में 1.25 लाख से ज्यादा बंदर हैं, जिनमें अल्फा बंदरों को पकड़ने पर टीम का विशेष ध्यान रहेगा। यही बंदर टोलियों की अगुवाई करते हैं और खूंखार होते हैं।
