बरेली के आंवला स्थित इफको यूरिया प्लांट में ठेका श्रमिक की मौत के बाद मंगलवार को दिनभर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने शव इफको गेट पर रखकर नौकरी और मुआवजे की मांग की। देर शाम हुए समझौते के बाद परिवार के एक सदस्य को रोजगार, पत्नी को दो लाख रुपये और मां को ईपीएफ से पेंशन देने पर सहमति बनी। इसके बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
फैक्टरी परिसर में मंगलवार को सुबह की पाली में इफको के समीपवर्ती गांव भरताना निवासी धनपाल (50) की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इफको चिकित्सालय ले जाया गया, वहां से बरेली रेफर किया गया। रास्ते में उनकी मौत हो गई।
धनपाल की मौत की खबर मिलते ही परिजन, ग्रामीण और महिलाएं फैक्टरी के बाहर जुट गए। उन्होंने फैक्टरी गेट, प्रशासनिक भवन और टाउनशिप गेट पर ट्रैक्टर खड़े कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग रखी। स्थिति बिगड़ती देख सीओ हेमंत उपाध्याय, तहसीलदार और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने परिजन को समझाने का प्रयास किया।
