जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राही ने एक बार फिर पत्र के माध्यम से हलचल मचा दी है। उन्होंने श्रमायुक्त व परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर शासकीय वाहनों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि भ्रष्टाचार पीछा नहीं छोड़ता। अभी कलेक्ट्रेट, जालौन से आउटसोर्स पर गाड़ी मिली है। इस आउटसोर्स में भी गजब का भ्रष्टाचार है। ड्राइवर वगैरह का खुलेआम शोषण भी है। बस जिसे टेंडर देना हो, उस फर्म से असंभव कम वाले रेट डलवा दो और एल-1 बना दो, बाकी काम कागजों पर ही हो जाएगा तो जो रेट डाले हैं, वे भी बहुत ज्यादा हैं। रिंकू लिखते हैं भ्रष्टाचार एकदम रोक नहीं सकता हूं तो उजगार कर सकता हूं। जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उन्हें थोड़ा सा डर तो लगेगा ही।
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रिंकू सिंह ने पत्र में कहा है कि 25 अगस्त को जैम पोर्टल से चयनित आटउसोर्स एजेंसी हनी इंटरप्राइजेज मैनपुरी द्वारा वाहन संख्या यूपी 92-एएल 2410 बुलेरो उपलब्ध कराया गया। प्रथमदृष्टया ही पीली नंबर प्लेट आदि न होने का जिक्र करने के साथ ही वापस किए जाने पर पुन: 27 अगस्त की शाम समान वाहन उपलब्ध करा दिया गया। उन्होंने पत्र में चालक के वेतन को भी लेकर सवाल किया है।
