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पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही आसपास के इलाकों में जिंदगी बाढ़ के बीच फंसती जा रही है। मर्दनपुरवा, मायापुरम, गुजैनी, ग्राम पिपौरी और मेहरबान सिंह का पुरवा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कहीं घरों में पानी घुस चुका है तो कहीं रास्ते डूबने से लोगों का संपर्क टूटने लगा है।
जिन चौखटों पर रोज परिवार की खुशियां बसती थीं आज वही पानी में डूबी हैं। पानी बढ़ने के साथ परिवार जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं। कोई रिश्तेदारों के यहां पहुंच रहा है तो कोई ऊंचे स्थान पर आसरा ले रहा है। कुछ परिवार हाईवे किनारे पन्नी डालकर रात गुजारने को मजबूर हैं।
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बाढ़ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला
– फोटो : अमर उजाला
सबसे बड़ी चिंता बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की है। बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच गया है, जिससे फसलें डूबने लगी हैं। संपर्क मार्ग जलमग्न होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भोजन, पीने के पानी और दवाओं को लेकर भी लोग चिंतित हैं।
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बाढ़ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला
– फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी पंकज कहते हैं कि पांडु का पानी सिर्फ घर नहीं डुबो रहा, बल्कि लोगों की वर्षों की मेहनत और उनकी उम्मीदें भी बहा ले जा रहा है।
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बाढ़ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला
– फोटो : अमर उजाला
करीब 60 परिवार बाढ़ में फंसे
ग्राम पिपौरी में पांडु नदी का पानी भरने से करीब 60 परिवार बाढ़ के बीच फंस गए। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने देर रात तक 55 परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया।
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बाढ़ में फंसे लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला
– फोटो : अमर उजाला
सभी को पास एक गेस्ट हाउस में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र में पहुंचाया गया है। शेष परिवारों को निकालने में टीम जुटी रही।
ग्राम पिपौरी में फंसे करीब 60 परिवार में 55 को और गोपालपुरम व जरौली फेज-2 में फंसे करीब 30 परिवारों को एनडीआरएफ ने देर रात तक सुरक्षित निकाल लिया है। इनको पास के एक गेस्ट हाउस में आश्रय दिया गया है। कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। नदी के पानी से प्रभावित सभी स्थानों पर लगातार निगरानी की जा रही है। – विनय द्विवेदी, तहसीलदार सदर